एसआईआर जांच रिपोर्ट में खुलासा:35 दिनों में 8.13 लाख मृत मतदाता चिह्नित, 10.37 लाख नाम काटने की तैयारी

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची फ्रीज किए जाने के बाद चल रही एसआईआर जांच में अपडेट सामने आया है। पिछले 35 दिनों में 8 लाख 13 हजार से अधिक मतदाता मृत पाए गए हैं, जिनके नाम 16 दिसंबर को जारी होने वाली प्रारूप मतदाता सूची से हटाए जाएंगे।

इसके अलावा 2 लाख 43 हजार 603 मतदाताओं के नाम अलग-अलग सूचियों में डबल मिले हैं, जिन्हें एक सूची में रखकर अन्य से हटाया जाएगा। इस तरह अब तक की प्रक्रिया में कुल 10 लाख 37 हजार 137 नाम काटने की स्थिति बन गई है। हालांकि यह संख्या अभी बढ़ या घट सकती है।

चुनाव आयोग के निर्देश पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय सभी जिलों में एसआईआर प्रक्रिया तेजी से करवा रहा है और दिन में तीन बार कलेक्टरों से रिपोर्ट ले रहा है। 27 अक्टूबर को वोटर लिस्ट फ्रीज होने के बाद 4 नवंबर से एसआईआर का कार्य शुरू हुआ था, जिसका प्रारूप परिणाम 16 दिसंबर को प्रकाशित होगा। अभी शिफ्टेड मतदाताओं की सूची प्राप्त नहीं हुई है, जो प्रकाशन से पहले स्पष्ट की जाएगी।

फार्म नहीं भरा तो कट सकता है वोट

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को एसआईआर फार्म मिला है, उन्हें 2003 की एसआईआर के आधार पर परिजनों/खुद की जानकारी देना अनिवार्य है। यदि कोई मतदाता बीएलओ के लगातार प्रयासों के बाद भी फार्म जमा नहीं करता, तो उसका नाम भी 16 दिसंबर की सूची से हटाया जा सकता है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरपीएस जादौन ने अपील की है कि सभी मतदाता समय रहते फार्म जमा करें, ताकि नाम कटने की स्थिति से बचा जा सके।

किन जिलों में सबसे अधिक मृत वोटर्स?

सूत्रों के अनुसार जबलपुर और सागर में मृत मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा, जबकि सीहोर और पन्ना में सबसे कम पाई गई है। हालांकि आयोग ने इन आंकड़ों को अभी आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है।

10 दिसंबर तक होगा सत्यापन

एसआईआर कार्यवाही के तहत अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डबल-एंट्री वाले मतदाताओं की पहचान के लिए 10 दिसंबर तक हर मतदान केंद्र पर BLO–BLA की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। प्रदर्शित सूचियों का राजनीतिक दलों से अवलोकन कराने और 11 दिसंबर तक आपत्तियां दर्ज कराने की समय-सीमा तय की गई है, ताकि BLO ऐप के माध्यम से समय पर संशोधन किया जा सके।

Spread the love