सौरव गांगुली ने टीम इंडिया को दी चेतावनी, सेमीफाइनल में इंग्लैंड की चुनौती पर भी बोले- संजू को अब ड्रॉप मत करना

कोलकाता: ईडन गार्डन्स में संजू सैमसन के ऐतिहासिक 97 रनों के धमाके की गूंज अभी थमी नहीं है। इस शानदार जीत के साथ भारत सेमीफाइनल में पहुंच चुका है और अब पूर्व भारतीय कप्तान व बंगाल टाइगर सौरव गांगुली ने संजू की पारी पर अपनी मुहर लगा दी है। गांगुली ने न केवल संजू की प्रतिभा की तारीफ की, बल्कि चयनकर्ताओं को एक कड़ा संदेश भी दिया है।

गांगुली ने की संजू को लगातार टीम में बनाए रखने की वकालत

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष सौरव गांगुली संजू के प्रदर्शन से बेहद प्रभावित दिखे। उन्होंने कहा कि सैमसन एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उन्हें भारत के लिए व्हाइट बॉल क्रिकेट में अब लगातार खेलना चाहिए। गांगुली के अनुसार, संजू उस श्रेणी के खिलाड़ी हैं जो एक बार क्रीज पर जम जाएं, तो विपक्षी टीम को तहस-नहस करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संजू ने बहुत ही नाजुक और दबाव वाली स्थिति में यह पारी खेलकर अपनी परिपक्वता साबित की है।

वानखेड़े में इंग्लैंड के खिलाफ महामुकाबला

वेस्टइंडीज को हराने के बाद अब टीम इंडिया 5 मार्च को मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड से भिड़ेगी। यह मुकाबला काफी रोमांचक होने वाला है क्योंकि 2024 के सेमीफाइनल में भारत ने स्पिन की मदद से इंग्लैंड को गयाना में धूल चटाई थी। हालांकि, मुंबई की पिच बल्लेबाजों की मददगार मानी जाती है, जिससे मुकाबला और भी कड़ा हो जाएगा। हैरी ब्रूक की कप्तानी वाली इंग्लिश टीम इस समय शानदार फॉर्म में है, लेकिन सेमीफाइनल का दबाव कुछ अलग ही कहानी लिख सकता है।

दादा की चेतावनी, वेस्टइंडीज से ज्यादा खतरनाक साबित होगी इंग्लैंड

गांगुली ने भारतीय टीम को आगाह करते हुए कहा कि इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और संतुलित है। उन्होंने सुझाव दिया कि वानखेड़े की परिस्थितियों को देखते हुए टीम इंडिया को अपनी रणनीति और एप्रोच में बदलाव करना होगा। गांगुली का मानना है कि इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला मुख्य रूप से दोनों टीमों के स्टार बल्लेबाजों के बीच एक पावर गेम होगा, जहां परिस्थितियों को जल्दी समझने वाली टीम ही बाजी मारेगी।

संजू सैमसन का विस्फोटक स्ट्राइक रेट और भविष्य की उम्मीदें

आंकड़ों की बात करें तो संजू ने 197 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 194 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उनकी 50 गेंदों की पारी में 12 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। गांगुली ने स्पष्ट किया कि संजू की यही निडरता उन्हें बड़े मैचों का खिलाड़ी बनाती है। दादा की इस प्रतिक्रिया के बाद अब चयनकर्ताओं पर भी दबाव होगा कि वे संजू की इस निरंतरता को बरकरार रखने के लिए उन्हें भविष्य के दौरों पर भी नियमित स्थान दें।

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