मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल्द स्व-सहायता समूह, स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायतें, शासकीय कार्यालय सभी एक स्टार्ट अप प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में 1000 इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित होंगे।
यहां हर क्षेत्र के स्टार्टअप को हर संभव सहायता मिलेगी। प्रोजेक्ट से 10 लाख रोजगार और नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा है।
डॉ. मोहन यादव गोविन्दपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 के उद्घाटन में बोल रहे थे। डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए उद्योगपतियों और निवेशकों को 5 हजार एकड़ जमीन दी गई है।
यह एक प्रकार से पांच हजार उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण है। उद्योगपतियों से किए सभी वादों को पूरी प्रतिबद्धता से पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल की पर्यावरण और माहौल से मिलते-जुलते रूस के सांस्कृतिक शहर स्मोलेन्स्क को हम ट्विन सिटी (सिस्टर्स सिटीज) बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने रूस, ओमान और ताईवान से आए उद्यमियों से कहा कि आप सब इस एक्स्पो में मध्यप्रदेश के आइडिया, कैलिबर और कैपेसिटी को देख ही रहे हैं। फेडरेशन अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि एक्सपो में रूस, ओमान और ताइवान जैसे देश खरीददार बनकर आए हैं।
क्या है एपिक प्रोजेक्ट ? एपिक प्रोजेक्ट गांव और ब्लॉक लेवल से स्टार्ट अप इन्कयूबेशन निकलने की पहल है। छोटी छोटी जगहों से युवाओं से आइडिया लेकर उनसे प्रोटोटाइप डेवलप कराए जाएंगे। इसके बाद उन्हें फंडिंग के लिए वेंचर कैपिटलिस्ट तक ले जाया जाएगा। शनिवार को आयोजन में वेंचर कैपिटलिस्ट आएंगे जो स्टार्ट अप में निवेश के लिए एक हजार करोड़ तक निवेश के लिए तैयार हैं। इनके सामने प्रदेश और बाहर के युवा स्टार्ट अप आइडिया रखेंगे।