टैरिफ हटाना पड़ेगा… ट्रेड डील पर भारत का अमेरिका को फाइनल ऑफर, खुलकर रखी अपनी डिमांड, ट्रंप के पाले में गेंद

वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत अब अपनी मंजिल की ओर जाती दिख रही है। भारत ने कुछ बदलाव के साथ ‘फाइनल डील’ अमेरिका के सामने रख दी है। भारत ने अमेरिका की कई बातों को मान लिया है तो अपनी कुछ कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। इन शर्तों में सबसे अहम रूसी तेल से जुड़े अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ को हटवाना है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अगस्त के महीने में भारत के सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ लागू किया है। इसमें 25 फीसदी टैरिफ रूस से तेल खरीदने के ‘दंड’ के चौर पर लगाया गया है।

द हिंदू ने अपने दो अलग-अलग सोर्स के हवाले से भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर ये जानकारी दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ने अखरोट, बादाम, सेब और इंडस्ट्रियल सामान के इंपोर्ट पर टैरिफ को भी हटाने के लिए कहा है। हालांकि ये एक बड़े बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा होंगे। फिलहाल भारत 25% टैरिफ हटवाने पर फोकस कर रहा है।

भारत ने डील में किया संशोधन

अमेरिकी उप व्यापार प्रतिनिधि रिक स्विट्जर के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने दो दिनों (11-12 दिसंबर) का भारत दौरा किया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया है कि भारत ने अमेरिकी टीम को एक संशोधित डील की पेशकश की है। यह भारत की ओर से दिया जाने वाला अंतिम प्रस्ताव है।

अधिकारी ने कहा कि सरकार का ज्यादा ध्यान रूस से संबंधित पेनल्टी को हटाने पर चला गया है। भारतीय निर्यातकों ने सरकार से कहा है कि वे 25 प्रतिशत टैरिफ के साथ काम चला सकते हैं क्योंकि सबसे कम वैश्विक टैरिफ लगभग 19 प्रतिशत है लेकिन 50 प्रतिशत टैरिफ उन्हें बुरी तरह नुकसान पहुंचा रहा है।

क्या-क्या है डील में

संशोधित प्रस्ताव में अमेरिका की ओर से अतिरिक्त 25 प्रतिशत पेनल्टी टैरिफ वापस लेने के बदले में भारत का बादाम और अखरोट जैसे मेवों, सेब समेत कुछ फल, औद्योगिक सामान और लग्जरी मोटरसाइकिलों पर टैरिफ को तुरंत खत्म करने का ऑफर शामिल है।

भारतीय अधिकारी ने कहा है कि दोनों तरफ के बातचीत करने वालों ने मोटे तौर पर वह सब किया है, जो वे कर सकते थे। अब गेंद डोनाल्ड ट्रंप के पाले में है। कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल के बयान में भी ये चीजें दिखा है, उन्होंने इशारा किया कि भारत ने पक्ष रख दिया है।

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