नई दिल्ली: टाटा मोटर्स पर एक बार फिर सेंसेक्स से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। हाल में कंपनी का डीमर्जर हुआ है और कमर्शियल वीकल बिजनेस अलग होने से कंपनी का मार्केट कैप बंट गया है। टाटा मोटर्स के कमर्शियल वीकल डिवीजन का मार्केट कैप 1.19 लाख करोड़ रुपये है जबकि पैसेंजर वीकल यूनिट का बाजार मूल्य 1.37 लाख करोड़ रुपये है। टाटा मोटर्स 30 शेयरों वाले सेंसेक्स के मूल घटकों में शामिल है। हालांकि कंपनी पहले भी सेंसेक्स से बाहर हो चुकी है।
बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगले महीने टाटा मोटर्स को सेंसेक्स से बाहर होना पड़ सकता है जबकि देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को इंडेक्स में जगह मिल सकती है। इसका मार्केट कैप 2.27 लाख करोड़ रुपये है। दिसंबर रिव्यू की घोषणा अगले कुछ दिनों में हो सकती है। टाटा मोटर्स इससे पहले दिसंबर 2019 में भी सेंसेक्स से बाहर हुई थी और दिसंबर 2022 में इसे फिर से इंडेक्स में जगह मिली थी।