ईरान का दिल, अनाथ मोती… कहां है खर्ग द्वीप जिस पर अमेरिका ने पहली बार किया हमला, 24 घंटे होती है निगरानी

तेहरान: अमेरिकी सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण खर्ग आईलैंड पर हमला किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए इस हमले की जानकार दी है और इसे मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सबसे हमलों में से एक बताया। उन्होंने खर्ग आईलैंड का ईरान का क्राउन ज्वेल (ताज का गहना) कहा और साथ ही दोबारा हमले में यहां मौजूद तेल ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी दी। आइए जानते हैं कि यह आईलैंड तेहरान के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है और इसे क्यों ईरान का दिल कहा जाता है। ईरान

ईरान के ताज का गहना है खर्ग आईलैंड

फारस की खाड़ी में मौजूद खर्ग आईलैंड को ईरान की आर्थिक रीढ़ कहा जाता है। यह बुशेहर बंदरगाह से 55 किमी और ईरानी मेनलैंड से लगभग 28 किमी (15 नॉटिकल मील) की दूरी पर स्थित है। 8 किलोमीटर की पट्टी के रूप में फैला यह द्वीप ईरान के ऊर्जा निर्यात का केंद्र है, जहां से उसके कच्चे तेल का लगभग 90% हिस्सा बाहर जाता है। डिफेंस एक्सपर्ट मियाद मलेकी ने बताया कि तेहरान को ऊर्जा से होने वाली सालाना 78 अरब डॉलर की कमाई का अधिकांश हिस्सा यहीं से मिलता है। ऐसे में अगर ट्रंप इसे क्राउन ज्वेल कहते हैं तो ठीक ही है।

मलेकी कहते हैं कि खर्ग पर हमला ईरान के निर्यात को रोकने के लिए बल्कि होर्मुज स्ट्रेट के व्यापार की सुरक्षा के लिए है। दुनिया का 20% तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है, जिसे ईरान ने बंद करने की धमकी दी है। यह सऊदी अरब, इराक, कुवैत, कतर और UAE के ऊर्जा प्रवाह के लिए खतरा है। खर्ग पर हमला ईरान के लिए चेतावनी है कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के उसके लिए खतरनाक परिणाम होंगे।

ईरान का सबसे बड़ा तेल टर्मिनल

खर्ग आईलैंड में ईरान की सबसे बड़ी तेल फैसिलिटी है। इस द्वीप से देश के कुल तेल निर्यात का 90% होता है और हर साल 950 मिलियन बैरल तेल प्रतिदिन संभालता है। इसके गहरे तट की वजह से एक साथ 8-9 सुपरटैंकरों को एक साथ डॉक कर सकते हैं और तेल लोड करते हैं। खर्ग न केवल सबसे बड़ा टर्मिनल है, बल्कि एकमात्र ऐसा है जो कच्चे तेल के निर्यात के लिए मायने रखता है।

मई 2025 में S&P ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट ने बताया कि तेहरान ने टर्मिनल की भंडारण क्षमता में 2 मिलियन बैरल की बढ़ोतरी की है, जिसे टैंक 25 और 26 की मरम्मत करके किया गया है। इसमें हर एक में एक मिलियन बैरल तेल रखने की क्षमता है।

IRGC करती है खर्ग की रखवाली

खर्ग को वर्जित द्वीप कहा जाता है। ईरान की ताकतवर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) इसकी रखवाली करती है। यह केवल तेल टर्मिनल नहीं है। IRGC इसे खाड़ी में सैन्य चौकी के तौर पर इस्तेमाल करता है। उसकी एक खास यूनिट जहाज-रोधी मिसाइलों और समुद्री सुरंगों से लैस तेज हमला करने वाली नावों को चलाती है।

खर्ग में IRGC के पास हथियार

  • जुल्फिकार श्रेणी की मिसाइल बोट- Nasr-1 जहाज रोधी मिसाइलें (25-35 किमी क्षमता)
  • आशुरा श्रेणी की स्पीडबोट- रॉकेट लॉन्चर और समुद्री सुरंगे बिछाने की क्षमता
  • तटीय तोपों, रडार और ड्रोन का ढांचा

ईरान की नेवी भी एक्टिव

ईरान की नौसेना भी खर्ग का इस्तेमाल स्पीड बोट्स और हेलीकॉप्टरों की मदद से समुद्री सुरंगें बिछाने के लिए करती है। IRGC नेवी और ईरानी नेवी, दोनों ही इस इलाके से अभियान चलाती हैं। ईरान के पास अनुमानित तौर पर 2000 से 6000 समुद्री बारूदी सुरंगे हैं। ईरान ने पहले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कुछ को बिछाया है। ईरान के पास अभी भी 80-90 फीसदी समुद्री सुरंगे बिछाने वाली नौकाएं सुरक्षित हैं।

Spread the love