शहर के बीचोबीच बारूद बना मार्केट…50 फीट तक उठीं लपटें

भोपाल के पुल पात्रा स्थित टिंबर मार्केट में शनिवार तड़के पौने 3 बजे आग लग गई। आग सबसे पहले एक फर्नीचर दुकान में लगी, जो बढ़कर आरा मशीन तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने फर्नीचर-आरा मशीन समेत तीन जगहों अपनी चपेट में ले लिया।

आग बुझाने के दौरान आरा मशीन की दीवार गिर गई। जिससे 2 कर्मचारियों समेत समेत 4 लोग घायल हो गए। चारों को फौरन अस्पताल ले जाया गया। भोपाल डेकोरेशन और आरा मशीन अंजुम भाई की बताई जा रही है। जिस जगह आग लगी उसके ठीक पीछे रेलवे ट्रैक है।

नगर निगम के बैरागढ़, फतेहगढ़, कबाड़खाना, माता मंदिर, कोलार फायर स्टेशन के अलावा भेल, पुलिस के 22 दमकल वाहन आग बुझाने में जुटे रहे। करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। टिंबर मार्केट में डेढ़ महीना पहले भी आग लगी थी।

आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई भोपाल डेकोरेटर शोरूम मेन रोड पर ही है। इससे सटी हुई आरा मशीन है। तड़के 2.45 बजे सबसे पहले शोरूम में आग लगी और देखते ही देखते आरा मशीन को चपेट में ले लिया। शुरुआती एक घंटे तक आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई। धीरे-धीरे आग पिछले हिस्से तक पहुंच गई। इस वजह से आग बुझाने में 4 घंटे से ज्यादा समय लग गया।

आग बुझाने में लगे कर्मचारी, अचानक गिर गई दीवार आरा मशीन के मुख्य गेट से आग बुझाने का काम चल रहा था। इसमें आरा मशीन के कर्मचारी और राहगीर भी जुटे हुए थे। तभी अचानक आरा मशीन के मुख्य गेट पर पक्की दीवार गिर गई। इस वजह से जावेद, जुनैद समेत चार लोग घायल हो गए। उन्हें तुरंत पहले प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाया गया। जहां से हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया।

50 फीट ऊपर उठी आग की लपटें, दूर तक दिखा धुआं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें 50 फीट तक ऊपर उठ गईं। धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास की आरा मशीनें भी चपेट में आ सकती थीं।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, वजह साफ नहीं आग लगने का कारण अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि, इलाके के कुछ लोग आशंका जता रहे हैं कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी। आग के कारण पात्रा पुल की तरफ आने वाली मुख्य सड़क को भारत टॉकीज और बोगदा पुल के पास से बंद कर दिया गया था। साथ ही इलाके की बिजली भी बंद कर दी गई थी। दोनों ओर पुलिसकर्मी तैनात रहे।

इधर आग लगी, उधर 50 मीटर दूर गुजरती रही ट्रेनें खास बात ये है कि जिस जगह आग लगी वो रेलवे ट्रैक से लगी है। रेलवे ट्रैक यहां के बमुश्किल 50 मीटर की दूरी पर ही है। ऐसे में आग लगने के दौरान यहां से कई ट्रेनें गुजरीं। हालांकि, इससे रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ।

डेढ़ महीने पहले भी लगी थी आग…गुजरती रही ट्रेनें इससे पहले 9 नवंबर को भी इसी टिंबर मार्केट में आग लगी थी। एक टॉल में लगी इस आग ने 5 से 6 टाल को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि काफी दूर से ही लपटें और धुएं के गुबार नजर आ रहे थे।

दमकल की करीब 40 गाड़ियां मौके पर पहुंची। टीम ने करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि इसके बाद भी आग धधकती रही। कई जगहों पर धुआं उठता नजर आया। जिसे दमकलकर्मियों ने देर रात तक पूरी तरह बुझा लिया।

डेढ़ साल से कवायद, टिंबर मार्केट शिफ्ट नहीं हो सका भोपाल शहर के बीचों-बीच टिंबर मार्केट न सिर्फ मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए बड़ी अड़चन बना है, बल्कि ‘बारूद’ के ढेर जैसा है। इसकी शिफ्टिंग के लिए डेढ़ साल से कवायद हो रही है। 18 एकड़ जमीन और 5.85 करोड़ रुपए भी दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक टिंबर मार्केट शिफ्ट नहीं हो सका है।

पात्रा पुल इलाके में स्थित इसी 108 आरा मशीनों वाले टिंबर मार्केट में दो महीने बाद फिर शनिवार सुबह आग लगी।

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