जनता को वेटिंग, होटल-रेस्टोरेंट वालों को धड़ल्ले से सप्लाई, सिलिंडर बुकिंग के नए नियमों का फायदा उठा रहे ‘गैस माफिया’

भोपाल। घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग के दिन तय करने के बाद से कालाबाजारियों ने घटतौली शुरू कर दी है। ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा है, तो वहीं होटल, रेस्टोरेंट,नाश्ता के ठेले वालों को समय पर घरेलू सिलिंडर मिल रहे हैं। इसके लिए गैस एजेंसियों के कर्मचारियों द्वारा ही घरेलू गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी की जा रही है, जिसका खुलासा कोलार इलाके में सिलिंडरों से भरे लावारिस वाहन मिलने के बाद हुआ है।

वाहन का चालक गैस एजेंसी का कर्मचारी निकला और उसमें रखे 50 सिलिंडरों में से 45 में दो से तीन किलोग्राम गैस कम मिली है। बता दें कि अब एक सिलिंडर वाले उपभोक्ता 25 दिन में, दो सिलिंडर वाले उपभोक्ता 35 दिन में बुकिंग कर सकते हैं। इससे पहले बुकिंग नहीं होने के चलते घरेलू सिलिंडरों का व्यावसायिक उपयोग करने वाले परेशान हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग की टीम को कोलार बैरागढ़ चिचली में सोमवार को सिलिंडर से भरा लावारिस वाहन मिला था, लेकिन उसमें कोई चालक नहीं था। इससे टीम द्वारा मुखबिर तंत्र सक्रिय करते हुए नजर रखने के लिए कहा गया, तो मंगलवार को वाहन के पास एक युवक आया, जिसकी सूचना मिलते ही खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची।टीम ने युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम राजू मेवाड़ा बताते हुए खुलासा किया की उसके जीजा रवि मेवाड़ा सिद्धार्थ इंडेन गैस एजेंसी आरा माल के वाहन चालक और आपूर्ति कर्मचारी है। खाद्य टीम ने नापतौत विभाग को सूचना दी, जिससे टीम मौके पर पहुंची और वाहन में रखे 50 सिलिंडरों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। इस दौरान सिर्फ 10 बिल ही मौके पर मिले और सिलिंडरों का वजन तौलने पर पता चला कि 45 सिलिंडर में दो से तीन किलोग्राम कम गैस थी। इसके अलावा आठ सिलिंडरों की कंपनी सली व प्लास्टिक कैप नहीं थी।

इससे सिलिंडरों की कालाबाजारी व अवैध रिफिलिंग का संदेह होने पर वाहन चालक की स्कूटी की तलाशी लेने पर गैस अंतरण बंसी सहित अन्य उपकरण मिले हैं। खाद्य विभाग की टीम ने 19 सिलिंडर व नापतौल की टीम ने 39 घरेलू सिलिंडर सहित वाहन जब्त किया है। सिलिंडरों को एजेंसी को सौंपते हुए कजली खेड़ा पुलिस की अभिरक्षा में रखवाए गए हैं।

उपभोक्ताओं को 200 रुपये का नुकसान

नापतौल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घरेलू सिलिंडर करीब 14 किलोग्राम का होता है, जिसकी कीमत करीब 918 रुपये हैं। ऐसे में अवैध रिफिलिंग कर इसमें से तीन किलो तक गैस कम करने के बाद उपभोक्ताओं को दिए जाने पर करीब 200 रुपये का नुकसान हो रहा है। बता दें कि पिछले दिनों टीम ने छोटे सिलिंडर में गैस भरकर करीब 500 से 600 रुपये बेचने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई की थी।

23 हजार उपभोक्ताओं को नहीं मिले सिलिंडर

घरेलू गैस सिलिंडरों को लेकर अब भी कुछ एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतार लग रही है।इसके पीछे कारण यह है कि उनको बुकिंग के बाद भी समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा है और कुछ की तो बिना सिलिंडर मिले ही बुकिंग निरस्त हो रही है। जिले में अब भी 23 हजार उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिले हैं, जबकि प्रतिदिन 12 हजार बुकिंग और 10 हजार आपूर्ति की जा रही है।

नहीं मिला सिलिंडर कलेक्टर से शिकायत

जहांगीराबाद के चर्च रोड के रहने वाले उपभोक्ता मकसूद अख्तर ने कलेक्टर से शिकायत की है कि नवतारण भारत गैस एजेंसी पर उनका कनेक्शन हैं। उन्होंने 24 मार्च को बुकिंग की थी, तब एजेंसी ने बताया था कि अगले दिन शाम को सिलिंडर मिल जाएगा। इससे एजेंसी पर कतार में लग गया, लेकिन छह दिन बाद भी सिलिंडर नहीं मिला है। गैस एजेंसी संचालक व कर्मचारियों की मनमानी से खाना बनना मुश्किल हो गया है जबकि बाजार में ढाई हजार रुपये में सिलिंडर बेचा जा रहा है।

सिलिंडर मिला नहीं, बुकिंग हुई निरस्त

अवधपुरी में रहने वाले उपभोक्ता विकास कुमार ने बताया कि उनका गैस कनेक्शन भेल बरखेड़ा स्थित विनीत भारत गैस एजेंसी पर है। उन्होंने 13 मार्च को आनलाइन बुकिंग की थी, जिसके बाद 24 मार्च को आपूर्ति का मैसेज आ गया था।इसके बाद उनको अब तक सिलिंडर नहीं मिला है, जिससे उन्होंने हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की तो पता चला कि उनका सिलिंडर निरस्त कर दिया गया है। आश्वासन के तौर पर शिकायत दर्ज कर जांच करवाने की बात कही है।

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