मध्यप्रदेश के पहले री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट रविशंकर शुक्ल मार्केट के विकास का रास्ता साफ हो गया है। भोपाल के 5 नंबर स्थित आरएसएस मार्केट प्रोजेक्ट को हाउसिंग बोर्ड की संचालक मंडल की बैठक में प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) से भी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। अब नए साल में बोर्ड इसके लिए टेंडर जारी करेगा।
वहीं, 210 एकड़ में 371 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 प्रोजेक्ट के पहले चरण का टेंडर फाइनल हो गया। यह 121 करोड़ रुपए का टेंडर था।
बोर्ड बैठक की अध्यक्षता मंडल के चेयरमैन व नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की। बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, वित्त विभाग के उप सचिव आनंद पटले, टीएनसीपी के संयुक्त संचालक केएस गवली, हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर राहुल हरिदास फटिंग, बोर्ड की मुख्य प्रशासकीय अधिकारी तृप्ति श्रीवास्तव मौजूद थे।
हर सुविधा एक ही छत के नीचे राजधानी की बैरसिया तहसील के ग्राम बांदीखेड़ी में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) के डेवलपमेंट का टेंडर फाइनल हो गया। पहले राउंड का यह टेंडर 121 करोड़ रुपए का है। 371 करोड़ रुपए की लागत से 210.21 एकड़ में यह प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन व विनिर्माण इंडस्ट्री से जुड़ी हर सुविधा एक ही छत के नीचे होगी।
पूरे प्रोजेक्ट को कवर्ड कैंपस में बिजनेस पार्क के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसमें एक एकड़ से लेकर 5 एकड़ तक के कमर्शियल प्लाट आईटी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को अलर्ट किए जाएंगे। इस कैंपस में एसटीपी, इटीपी से लेकर कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं होंगी।
यहां एमपीएसईडीसी का एक प्रशासनिक भवन भी बनेगा। यह प्रोजेक्ट सरकार डिजिटल इंडिया एवं मेक इन इंडिया के तहत विकसित कर रही है। इस प्रोजेक्ट की लागत 371 करोड़ 95 लाख है। इसमें से 146 करोड़ 63 लाख रुपए केंद्र और 225 करोड़ 32 लाख रुपए राज्य का होगा।