सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण से जुड़े सभी केस एमपी हाईकोर्ट भेजने के दिए निर्देश, स्पेशल बेंच में होगी सुनवाई

जबलपुर। सुप्रीम कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से जुड़े सभी मामले वापस हाईकोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट के सीजे को कहा है कि इन मामलों की सुनवाई के लिए विशेष बेंच का गठन कर वरीयता के आधार पर तीन माह में निराकरण करें छत्तीसगढ़ राज्य के मामलो में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक मई 2023 को पारित अंतरिम आदेश में 50 फीसदी की सीमा से ज्यादा 68 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की अनुमति प्रदान की गई है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मध्य प्रदेश सरकार चाहे तो उसी अंतरिम आदेश की अवधारणा के अनुक्रम में आरक्षण लागू कर सकती है। दरअसल, राज्य सरकार ने पूर्व में सभी पदों पर सार्वजनिक रोजगार में ‘अन्य पिछड़ा वर्ग’ के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था।

कुलगुरु मामला : जवाब के लिए दी अंतिम मोहलत

जबलपुर : हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने रानी दुर्गावती विवि के कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा की मूल प्राध्यापक पद पर नियुक्ति से जुड़े मामले में राज्य सरकार व अन्य को जवाब पेश करने अंतिम मोहलत दी है। कोर्ट ने अनावेदकों को चार सप्ताह में जवाब पेश करने कहा है। अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी। जबलपुर निवासी सचिन रजक एवं अन्य की ओर से अधिवक्ता उत्कर्ष अग्रवाल ने पक्ष रखा।

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि प्रोफेसर वर्मा को नियम विरुद्ध तरीके से प्रोफेसर के पद पर नियुक्त किया गया था। दरअसल, नियम के अनुसार पीएचडी के बाद 10 वर्ष का शैक्षणिक अनुभव जरूरी है। नियुक्ति प्रक्रिया में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की अनिवार्य शैक्षणिक योग्यताओं का उल्लंघन किया गया है।

फ्रीज बैंक अकाउंट चालू करने के निर्देश

जबलपुर : मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता का फ्रीज बैंक अकाउंट चालू करने के निर्देश दिए। जबलपुर निवासी रवींद्र कुमार पटेल की ओर से अधिवक्ता रत्न भारत तिवारी ने बताया कि याचिकाकर्ता का खाता एयू स्माल फाइनेंस बैंक में है जो कि उनकी दुकान मीनाक्षी किराना के नाम से संचालित है। नवंबर 2024 में बैंक द्वारा याचिकाकर्ता के उपरोक्त बैंक अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया और सभी लेन देन पर रोक लगा दी गई। बैंक ने बताया कि उक्त अकाउंट में किसी फर्जी स्कैम के तहत कुछ राशि आई है।

Spread the love