बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं से सनसनीखेज मामला सामने आया है। मेंथा फैक्ट्री में एक बार फिर हादसे में तीन लोगों की मौत का मामला सामने आया। तीन सुरक्षा गार्डों की मौत मामले ने हड़कंप मचा दिया है। मेंथा फैक्ट्री हादसे की जानकारी मिलते ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। मामले में सामने आया है कि तीनों सुरक्षा गार्ड बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोए थे। इसी दौरान हादसा हो गया। तीनों की दम घुटने से मौत की बात सामने आ रही है। पहले भी मेंथा फैक्ट्री में मौत का मामला सामने आया था।
बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र स्थित एक मेंथा फैक्ट्री में बड़ा हादसा सामने आया । फैक्ट्री के बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे तीन सुरक्षा गार्डों की मौत हो गई। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, ऐसा लग रहा है कि तीनों की मौत दम घुटने के कारण हुई होगी। सुबह जब काफी देर तक गार्ड बाहर नहीं निकले तो अन्य कर्मचारियों ने कमरे का दरवाजा खोला। वहां तीनों बेहोशी की हालत में मिले। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
लोगों की जुटी भीड़
घटना की सूचना मिलते ही फैक्ट्री परिसर में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटना की जांच शुरू कर दी गई है। दरअसल, हैरान करने वाला मामला यह यह है कि करीब आठ महीने पहले भी इसी फैक्ट्री में आग लगने से एक मजदूर की मौत हो गई थी। फैक्ट्री में घटना के कई दिनों बाद मजदूर का कंकाल बरामद किया गया था। इस घटना ने फैक्ट्री की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। अब सुरक्षा गार्डों की मौत का मुद्दा गरमा गया है।
संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
उझानी कोतवाली क्षेत्र में एक मेंथा फैक्ट्री में तीन सुरक्षा गार्डों की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। आज सुबह तीनों सुरक्षा कर्मियों के शव केबिन में पड़े मिलने से हडकंप मच गया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है। दरअसल, उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव कूड़ा नरसिंहपुर स्थित एक मेंथा फैक्ट्री के केविन में मंगलवार सुबह तीन लोग मृत अवस्था में मिलने से सनसनी फैल गई।
फैक्ट्री में लगी थी आग
मेंथा फैक्ट्री में लगभग 8 महीने पहले भीषण आग लगी थी। साथ ही एक मजदूर की मौत हो गई थी वहीं करीब उक्त आग से 100 करोड़ का नुकसान हुआ था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कूड़ा नरसिंहपुर स्थित मेंथा फैक्ट्री बैंक ऑफ बडौदा की ओर से बंधक है। फैक्ट्री कर्मियों ने मंगलवार को सुबह केबिन में सिक्योरिटी गार्ड जुगेंद्र यादव (30 साल) पुत्र रामबहादुर निवासी बसाबनपुर थाना मुजरिया,भानु यादव (26 साल) पुत्र श्रीपाल निवासी मुडसैना थाना दातागंज और विवेक यादव को मृत अवस्था में जमीन पर पड़ा देखा तो उनके होश उड़ गए।
हत्या का लगाया आरोप
सूचना के बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृतकों के परिजन और और ग्रामीण की भीड़ पहुंच गए। जहां उन्होंने जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। एक मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि तीनों मृतकों के शरीर पर चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। केबिन में हीटर चल रहा था। आंशका जाहिर की जा रही है कि दम घुटने से तीनों की मृत्यू हुई होगी। हालांकि, पुलिस और फॉरेंसिक टीम पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।