भोपाल। मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए मध्य प्रदेश में 22 साल बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराया गया। इसमें अलग-अलग श्रेणियों में 42,74,160 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। कांग्रेस ने इसे लेकर हल्ला मचाया और दावा किया कि फर्जी नामों के सूची में होने के कारण ही 2023 के विधानसभा चुनाव में उसकी हार हुई। दावा किया कि सूची के शुद्धीकरण के काम में कोई कसर नहीं रखेगी लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है।
अभी तक सूची में नाम जुड़वाने और हटवाने के लिए जो आवेदन किए गए, उसमें भाजपा के बूथ लेवल एजेंट कांग्रेस से कहीं आगे हैं। यह काम 22 जनवरी तक होगा। अभी तक नाम जोड़ने के लिए 6,57,739 और नाम हटाने के लिए 75,696 आवेदन प्राप्त हुए। इनका निराकरण कर 21 फरवरी को सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
दावा-आपत्ति में नहीं दिखी भागीदारी
चुनाव आयोग ने एसआईआर को लेकर आरोप-प्रत्यारोप से इतर सभी राजनीतिक दलों से अपील की थी कि वे मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए बढ़-चढ़कर भागीदारी करें। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम प्रारूप सूची में नहीं है तो उसे जुड़वाने के लिए फार्म छह भरवाएं। साथ ही किसी ऐसे मतदाता का नाम सूची में है जिसकी पात्रता नहीं है तो हटवाने के लिए फार्म सात भरवाएं।
चूंकि, कांग्रेस मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप प्रत्येक चुनाव के बाद लगाती है। पूरे देश में इसे लेकर अभियान भी चलाया गया और सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का दावा भी किया लेकिन यह दावा-आपत्ति में भागीदारी से परिलक्षित नहीं हुआ।
इंदौर जिले में 94 हजार से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए
इंदौर जिले में एक माह तक चले दावे-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान जिले में 94 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। दरअसल जिले में 23 दिसंबर से दावे-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो 22 जनवरी तक जारी रहेगी। एक माह के दौरान जिले में कुल 94,542 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें 25,065 का निराकरण कर दिया गया है। शेष आवेदनों का परीक्षण एवं निराकरण कर 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
निर्वाचन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, नए मतदाता बनने के लिए फार्म-6 के अंतर्गत अब तक 51,923 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10,412 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। वहीं, मतदाता सूची से नाम विलोपन के लिए फार्म-7 के तहत 2,836 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 910 का निराकरण कर दिया गया है।
इसके अलावा पता परिवर्तन एवं अन्य संशोधनों के लिए फार्म-8 के माध्यम से 39,783 आवेदन मिले हैं, जिनमें से 13,763 आवेदनों का निपटारा हो चुका है। इस दौरान 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया भी की गई।