बिलासपुर, बिलासपुर में इस्लामिक धार्मिक आस्था के नाम पर मुस्लिम परिवार के लोगों से 37 लाख रुपए ठगी हुई है। कटघोरा के रूही टूर एंड ट्रेवल्स के संचालक और उसकी पत्नी ने सउदी अरब के उमरा यात्रा कराने का झांसा देकर 16 लोगों से पैसे वसूल लिए। लेकिन, जब वीजा और टिकट देने की बारी आई तो दोनों पति-पत्नी भाग गए।
मामला दो साल पहले का है, जिसमें अब शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पीड़ित परिवार के मुताबिक, ट्रेवल्स वाले आखिरी दिन तक घुमाते रहे। जिस दिन यात्रा पर निकलना था, उसके ठीक 2 दिन पहले मोबाइल बंद कर दिया।
अब जानिए पूरा मामला
तारबाहर क्षेत्र में रहने वाले शेख अकरम (53) ने धोखाधड़ी की शिकायत की है। इसमें उन्होंने बताया कि दो साल पहले उन्होंने अपने रिश्तेदारों के साथ सउदी अरब के उमरा जाने का प्लान बनाया था।
कोरबा जिले के कटघोरा के रूही टूर एंड ट्रैवल्स के संचालक वसीम अली और उनकी पत्नी रेश्मा रूबी से परिचय था। लिहाजा, उन्होंने दोस्तों और परिवार के साथ उमरा यात्रा पर जाने के लिए उससे संपर्क किया। तब वसीम तालापारा के तैयबा चौक पर अपना ऑफिस संचालित करता था।
वसीम अली ने भरोसा दिलाया था कि सभी को जनवरी 2024 में उमरा यात्रा पर लेकर जाएंगे। इसके लिए सितंबर से 29 नवंबर 2023 के बीच अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन और कैश मिलाकर कुल 37 लाख 24 हजार एजेंसी ने लिए।
पैसे वसूली कर नहीं बनवाया वीजा, बहानेबाजी कर गुमराह किया
पैसे वसूली करने के बाद वसीम अली ने सभी यात्रियों को कहा था कि 27 जनवरी 2024 की सुबह 7:25 बजे हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस से मुंबई रवाना होना है। वहां से फ्लाइट द्वारा सऊदी अरब की यात्रा होगी। लेकिन, जब यात्रा की तारीख नजदीक आई, तब पता चला कि किसी का वीजा नहीं बना है।
जब 25 जनवरी को शेख अकरम और उनके साथी वसीम अली से मिलने कटघोरा पहुंचे, तो उन्होंने बहानेबाजी किया। साथ ही भरोसा दिलाया कि दो दिन बाद यात्रा पर जाएंगे। उसने सभी को तैयार रहने को कहा।
पति-पत्नी ने बंद कर लिया मोबाइल
जिसके बाद 27 जनवरी की सुबह जब यात्रियों ने उन्हें फोन किया, तो वसीम और उनकी पत्नी दोनों के मोबाइल बंद मिले। इस दौरान तीर्थ यात्री उसके ऑफिस भी गए, जहां ताला बंद मिला। लोग जब उनके घर पहुंचे, तो वो घर पर ताला लगाकर भाग चुके थे।
दो साल तक रुपए मिलने की उम्मीद में थे पीड़ित
महीनों तक पीड़ित रुपए मिलने की उम्मीद में थे। इस बीच वसीम अली ने उन्हें पैसे लौटाने का वादा किया था। लेकिन, दो साल तक वो लोगों को घुमाते रहा। आखिर में जब रुपए नहीं मिले तो उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई।
बताया कि वसीम और रेश्मा ने धार्मिक भावनाओं को आहत कर फायदा उठाकर यह ठगी की। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में और भी लोगों से रुपए लेने की बात सामने आ रही है।
उमरा यात्रा के लिए इन्होंने दिए थे एजेंसी को रुपए
रकम देने वालों में शेख अकरम के साथ मोहम्मद ईखलाख, सैय्यद अब्दुल रहीम, जावेद हुसैन, अब्दुल हकीम, इशहाक मोहम्मद, हफीज बी, हफीज मोहम्मद, तशरीफ मोहम्मद, इमरामुद्दीन, शमीम सिद्धिकी, सलमान सिद्धिकी, कौशर सिद्धिकी, सुल्तान अंसारी, हसन अली, अल्तमश सिद्धिकी और शब्बीर मोहम्मद समेत कई लोग शामिल थे।