साल 1992 में रिलीज ‘विश्वात्मा’ बॉलीवुड की सबसे बड़ी फिल्म बनकर उभरी थी। राजीव राय के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में ऐसी स्टारकास्ट थी, जिसे पर्दे पर एकसाथ देखने के लिए ही दर्शकों की लाइन लग गई थी। सनी देओल, नसीरुद्दीन शाह, चंकी पांडे, सोनम, गुलशन ग्रोवर, रजा मुराद और अमरीश पुरी। साल 1989 में ‘त्रिदेव’ के सुपरहिट होने के बाद राजीव राय की यह दूसरी ऐसी एक्शन-थ्रिलर थी, जिसकी चर्चा हर जुबान पर थी। इसी फिल्म से दिव्या भारती ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था और उन पर फिल्माया गाना ‘सात समंदर पार’ किस हद तक ब्लॉकबस्टर बना, यह आज भी बताने की जरूरत नहीं है। इस फिल्म की शूटिंग बड़े पैमाने पर केन्या में हुई थी। अब फिल्म की रिलीज के 33 साल बाद राजीव राय ने खुलासा किया है कि केन्या में फिल्म के दो बड़े एक्टर्स को वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वो भी आधी रात को।
‘मोहरा’ और ‘गुप्त’ बना चुके डायरेक्टर राजीव राय का खुलासा
हिंदी सिनेमा को ‘मोहरा’ और ‘गुप्त’ जैसी बेजोड़ थ्रिलर देने वाले राजीव राय ने एक हालिया इंटरव्यू में यह खुलासा किया है। बताया कि केन्या के नैरोबी और मोम्बासा में उन्होंने ‘विश्वात्मा’ के कई सीन्स फिल्माए थे। लेकिन यह शूटिंग आसानी से पूरी नहीं हो पाई थी। खासकर, तब जब वहां देर रात फिल्म के दो बड़े एक्टर्स को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, डायरेक्टर ने दोनों कलाकारों के नाम नहीं बताए हैं।
इसलिए केन्या में हुई थी ‘विश्वात्मा’ की शूटिंग
नैरोबी में रात को बाहर नहीं घूमने का सख्त नियम
राजीव राय ने किसी का नाम लिए बिना बताया कि नैरोबी में अगर आप बाहर निकलते हैं तो इसके कुछ खास नियम हैं। इसी दौरान उन्होंने खुलासा किया कि ‘विश्वात्मा’ के दो एक्टर्स को वहां नियमों के उल्लंघन की वजह से हिरासत में ले लिया गया था। उन्होंने बताया, ‘आप नैरोबी में रात में नहीं घूम सकते। खास तौर पर आपको वहां अपने साथ डॉलर ले जाने की इजाजत नहीं थी, एक भी पैसा नहीं। तो, हम एक विदेशी धरती पर थे, एक्टर्स के पास खरीदारी के लिए कुछ 10-15 डॉलर थे। नियम के हिसाब से अगर आप वहां पकड़े गए, तो वे आपको गोली मार सकते थे। वह एक सख्त नियम वाला देश था।’
रात 2 बजे घूम रहे थे ‘विश्वात्मा’ के दो एक्टर्स
डायरेक्टर ने आगे कहा, ‘हमारी टीम से ऐसे ही, दो एक्टर्स रात के 2 बजे घूम रहे थे और उन्हें बिना किसी कारण के गिरफ्तार कर लिया गया। पूरा सीन कुछ ऐसा था – एक विदेशी देश, हर जगह सेना, किसी को गोली मार देना आम बात थी। हम सब परेशान हो गए।’ उन्होंने बताया कि वहां उनके करीबी लोगों ने मदद की और ‘विश्वात्मा’ के दोनों सितारों को जेल से बाहर निकाला। उन्हें रात में घूमने से मना किया गया था।
लोकल कनेक्शन की मदद से जेल से छुड़ाया
राजीव राय बोले, ‘मेरे को-प्रोड्यूसर्स के वहां कई संपर्क थे। वे वहां के सम्मानित नागरिक थे और लोकल लेवल पर उनके राजनीतिक मित्र थे। उन्होंने ही मदद की और दोनों सितारों को जेल से बाहर निकाला। फिर हमें कड़ी हिदायत मिली कि हम कहीं बाहर न निकलें। यहां तक कि सड़कों पर टहलने के लिए भी न निकलें। यह एक तरह का सैन्य शासन था। हर देश का अपना राजनीतिक कानून और संस्कृति होती है, आपको वहां रहते हुए उसका पालन करना ही होगा।’
दिव्या भारती के लिए वरदान साबित हुई ‘विश्वात्मा’
‘विश्वात्मा’ साल 1992 में एक बड़ी कर्मशियल हिट साबित हुई थी। इसने उस दौर में बॉक्स ऑफिस पर 9.5 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। फिल्म की कहानी, स्क्रीनप्ले और एक्शन सीन्स की खूब तारीफ हुई। इसके गानों ने भी धूम मचा दी। यह दिव्या भारती के लिए बॉलीवुड में एक बड़ा लॉन्चपैड साबित हुआ।