वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका ने अपना दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भी ईरान की तरफ रवाना कर दिया है। इससे पहले USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर, पिछले महीने ही अरब सागर में ईरान के करीब पहुंच चुका है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि "ईरान की लीडरशिप में बदलाव जरूरी हो सकता है", इसके साथ ही उन्होंने इस इलाके में अमेरिकी मिलिट्री की तैनाती बढ़ाने की भी पुष्टि की है। उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में सैनिकों से मिलने के बाद रिपोर्टरों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, कि तेहरान में सत्ता में बदलाव "सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है" क्योंकि उनका प्रशासन, मिलिट्री एक्शन लेने पर सोच रहा है।
वहीं, ईरान के इस्लामिक मौलवी लीडरशिप को हटाने के लिए दबाव डालने के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, "ऐसा लगता है कि यह सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है।" ट्रंप का ये बयान उस वक्त आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच कम से कम दो बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन न्यूक्लियर हथियारों और मिसाइलों को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच वाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की है, जिसनें ईराम पर हमला करने को लेकर बात की गई है।
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट से लेकर अरब सागर तक में चप्पे चप्पे पर युद्धपोत और अन्य हथियार तैनात कर दिए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मौलवी शासन का जिक्र करते हुए कहा कि "47 वर्षों से, वे बात कर रहे हैं और बात कर रहे हैं। इस बीच, जब वे बात कर रहे थे तो हमने कई लोगों की जान गंवा दी।" उन्होंने क्षेत्र में संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि "लोगों के पैर उड़ गये, हाथ उड़ गये, सिर उड़ गये, चेहरे उड़ गये और हम लंबे समय ऐसा (बात) ही कर रहे हैं।" वहीं, संभावित सत्ता परिवर्तन के बाद ईरान का उत्तराधिकारी कौन होगा, इसको लेकर ट्रंप ने कोई एक नाम बताने से इनकार कर दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि ‘वहां लोग हैं।’वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के एक और एयरक्राफ्ट कैरियर के पश्चिम एशिया की तरफ रवाना होने की पुष्टि की है। उन्होंने वाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि "यदि हम कोई सौदा नहीं करते हैं, तो हमें इसकी आवश्यकता होगी।" उन्होंने कहा कि "यह बहुत जल्द ही रवाना हो जाएगा। हमारे पास वहां एक है (अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर) जो अभी आया है। अगर हमें इसकी आवश्यकता होगी तो हम इसे तैयार रखेंगे, यह एक बहुत बड़ी ताकत है।" हालांकि ट्रंप ने किसी तत्काल सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की लेकिन संकेत दिया कि यदि कूटनीति नाकाम होती है तो वाशिंगटन तनाव बढ़ाने के लिए तैयार है।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने USS गेराल्ड आर फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर को पश्चिम एशिया की तरह रवाना किया है, जो परमाणु ऊर्जा से संचालित कैरियर है। इसे दुनिया का सबसे विशालकाय एयरक्राफ्ट कैरियर माना जाता है और ये कैरेबियन सागर से पश्चिम एशिया की तरफ रवाना हुआ है। ये अब्राहम लिंकन को अरब सागर में ज्वाइन करेगा, जो पहले ही चार युद्धपोत के साथ ऑपरेट कर रहे हैं। गेराल्ड फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर पिछले करीब 7-8 महीनों से कैरियन सागर में था, जब अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया था। उस वक्त अमेरिका ने वेनेजुएला भी सत्ता परिवर्तन कर दिया था और देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा कर लिया था।