वॉशिंगटन: अमेरिकी वित्त मंत्री (ट्रेजरी सेक्रेटरी) स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से कंट्रोल हासिल कर लेगा, जिससे दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में एक पर नेविगेशन की आजादी होगी। बेसेंट ने उम्मीद जताई कि या तो अमेरिकी एक्सकॉर्ट्स या किसी मल्टीनेशनल एस्कॉर्ट के जरिए अमेरिका इस पर कंट्रोल कर लेगा। फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट के बावजूद वैश्विक तेल आपूर्ति बनी हुई है।
होर्मुज संकट से दुनिया परेशान
उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से रोजाना ज्यादा से ज्यादा जहाज गुजर रहे हैं, क्योंकि अलग-अलग देश ईरानी शासन के साथ समझौते कर रहे हैं। बेसेंट की टिप्पणियां होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच आई हैं। यह एक अहम चोकपॉइंट है, जहां से दुनिया का 20 फीसदी तेल गुजरता है। ईरानी हमलों ने यहां से जहाजों के गुजरने का रास्ता रोक दिया है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है।
होर्मुज पर ट्रंप की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान को नई चेतावनी दी है। सोमवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि अगर जल्द कोई समझौता नहीं होता है और होर्मुज जलडमरूमध्य तत्काल व्यापार के लिए नहीं खुलता है, तो ईरान के पावर प्लांट, तेल के कुओं और खर्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर देंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों अहम है?
- होर्मुज जलडमरूमध्य एक संकरा जलमार्ग है जो फारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ता है।
- होर्मुज के रास्ते दुनिया का 20 फीसदी ऊर्जा व्यापार होता है, जो इसे दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक बनाता है।
- अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को निशाना बनाया है, जिससे जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है।
- यह जलमार्ग भारत के लिए भी बहुत अहम है, क्योंकि खाड़ी देशों से आने वाले तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इस रास्ते से ही आता है।