प्रदेश की पंचायतों के शौचालय चमकाएगा ‘वाव’, शहरों की तरह गांवों के लिए मोबाइल एप आधारित सफाई सेवा

भोपाल। मध्य प्रदेश की पंचायतों में अब साफ-सफाई व्यवस्था को अत्यधिक बेहतर बनाने के लिए वाश आन व्हील (वाव) सेवा शुरू की गई है। यह नवाचार मध्य प्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है। भोपाल और छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायतों में शुरुआत कर दी गई है, जल्द ही अन्य जिलों में यह सेवा शुरू होगी। सभी 55 जिलों के कलेक्टरों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित व्यक्तिगत, संस्थागत एवं सामुदायिक शौचालयों की उपयोगिता को निरंतर रखे जाने और उनकी नियमित साफ-सफाई के लिए इस सेवा को सरकार ने शुरू किया है। मोबाइल एप पर कोई भी व्यक्ति शौचालय की सफाई की मांग कर सकता है। घरेलू शौचालयों के लिए 50 रुपये और संस्थागत शौचालय के लिए 200 रुपये शुल्क निर्धारित की गई है। जिले में 19 क्लस्टर बनाकर सभी गांवों को मैप किया गया है, जिसके तहत 16 स्वच्छता साथियों को चिह्नित किया गया है।

इन संस्थानों के शौचालयों की होगी सफाई

ग्रामीण क्षेत्रों में बने संस्थागत, सामुदायिक, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मैरिज गार्डन, स्कूल, आंगनबाड़ी, सामुदायिक केंद्र, पंचायत भवन, पेट्रोल पंप, टोल टैक्स, एनएचएआइ और अन्य शासकीय शौचालय।

एक नजर में वॉश आन व्हील

27,132 ग्रामों को मैप किया प्रदेश में – 1,301 कलस्टर बनाए गए प्रदेशभर में – 1,300 स्वच्छता साथी किए गए चिह्नित – 1,185 स्वच्छता साथी ने शुरू किया काम

दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग प्रदेश की पंचायतों में घरेलू व संस्थागत शौचालयों की साफ-सफाई व्यवस्था को अधिक बेहतर बनाने और इससे जुड़े लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए वाश आन व्हील (वाव) सेवा शुरू की गई है। इसका मोबाइल एप भी बनाया गया है, इसके जरिये लोग निर्धारित शुल्क जमा करके शौचालय सफाई के लिए कर्मचारी बुला सकते हैं।

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