जहां गोमांस मिला… उसे नामंजूर कर चुके गौर और शर्मा:भोपाल निगम ने प्रशासक पर फोड़ा ठीकरा; दो लेटर में सामने आई गड़बड़ी

भोपाल के आधुनिक स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने के बाद नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (एमआईसी) ने पूरा ठीकरा प्रशासक, वेटनरी डॉक्टर और 11 कर्मचारियों पर फोड़ा है। वेटनरी डॉक्टर, 8 कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है, जबकि 3 कर्मचारियों को नोटिस दिए गए। दूसरी ओर, 2 ऐसे दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिसमें बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। ये दोनों ही एमआईसी से जुड़े हैं।

दरअसल, 24 अक्टूबर-25 को आईएसबीटी स्थित महापौर ऑफिस में एमआईसी की जो मीटिंग हुई थी, उसमें 6 बिंदुओं पर चर्चा हुई थी। इसमें छठा और आखिरी बिंदू स्लॉटर हाउस से ही जुड़ा हुआ था। इसमें मार्डन स्लॉटर हाउस को समय वृद्धि दिए जाने की बात एमआईसी मेंबर्स को बताई गई थी।

दूसरे पत्र में इसे संकल्प ही बता दिया एमआईसी मीटिंग में समय वृद्धि दिए जाने पर चर्चा हुई थी और उसे मंजूरी भी दी गई, लेकिन जब स्वच्छ भारत मिशन (यांत्रिकी) आरके त्रिवेदी और स्वच्छ भारत मिशन के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग के हस्ताक्षर से नोटशीट चली तो उसमें इसे महापौर परिषद का संकल्प बताया। साथ ही आधुनिक स्लॉटर हाउस को 20 साल के लिए दिए जाने की मंजूरी देने का हवाला देना बताया गया।

सूत्रों ने बताया कि इसे लेकर एमआईसी के कई सदस्यों में भी नाराजगी है। एक सदस्य ने बताया कि स्लॉटर हाउस को 20 साल के लिए लीज पर दिए जाने से वे भी हैरान है और इसे लेकर आपत्ति भी जताई है।

गौर और शर्मा नामंजूर कर चुके प्रस्ताव वर्तमान में महापौर मालती राय हैं, जो अगस्त 2022 में चुनी गई थी। उनसे पहले मंत्री कृष्णा गौर और सांसद आलोक शर्मा भी महापौर रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान भी स्लॉटर हाउस को लेकर प्रस्ताव आए थे, लेकिन दोनों ही लौटा दिए थे, लेकिन मेयर राय के कार्यकाल में न सिर्फ स्लॉटर हाउस का संचालन शुरू हुआ, बल्कि यहां से निकले मांस में गोमांस की पुष्टि भी हुई। इसके चलते ही मंत्री गौर, सांसद शर्मा की नाराजगी भी देखने को मिल चुकी हैं।

मंत्री विश्वास सारंग कह चुके हैं कि गो हत्या करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी कि वह नजीर बनेगी। वहीं, विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कहीं। दूसरी ओर, मंगलवार को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। इस पूरी बैठक में विपक्ष एमआईसी और मेयर से इस्तीफा मांगता रहा। इस मुद्दे पर सदन से वॉक आउट भी कर दिया।

नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि एमआईसी मेंबर ‘शहर सरकार’ के मंत्री हैं। मंत्रियों ने कैसे स्लॉटर हाउस को चालू करने के आदेश दे दिए। कोर्ट में मैंने खुद स्टे लिया था, लेकिन एमआईसी ने मीटिंग में इसे शुरू करने की सहमति दे दी। ऐसे में एमआईसी और मेयर को इस्तीफा दे देना चाहिए। यह धार्मिक आस्था से भी खिलवाड़ है।

मेयर बोलीं- प्रशासक के समय टेंडर की परमिशन इस पूरे मामले में महापौर राय खुद को बचाती हुई नजर आ रही हैं। दरअसल, मौजूदा परिषद से पहले करीब 2 साल तक निगम में प्रशासक तैनात थे। यानी, संभाग आयुक्त ने निगम की कमान संभाली थी। महापौर राय का कहना है कि स्लॉटर हाउस के टेंडर की परमिशन हमारी एमआईसी ने नहीं दिया। 2022 में जब प्रशासक नियुक्त थे, तब टेंडर हुआ था। वेटनरी डॉक्टर बेनी प्रसाद गौर पर कार्रवाई हो चुकी है। नगर निगम का जो भी अधिकारी इसमें शामिल होगा उस पर भी कार्रवाई होगी।

स्लॉटर हाउस में गोमांस का यह मामला जिंसी स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गायों का वध किए जाने और गोमांस मुंबई भेजे जाने के मामले में नगर निगम प्रशासन की सीधी भूमिका सामने आई है। नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी वह पत्र सामने आया है, जिसके आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी।

स्लॉटर हाउस को शुरू करने संबंधित अनुमति एमआईसी ने दी थी। यह प्रस्ताव परिषद में भी नहीं आया। इस वजह से कांग्रेस के साथ बीजेपी पार्षद भी नाराज हैं। इसके चलते वेटनरी डॉक्टर गौर को संभागायुक्त संजीव सिंह ने सस्पेंड कर दिया है।

निगम ने मंगलवार देर रात स्लॉटर हाउस में तैनात वसीम खान, सलीम खां, राजा खां, शेख युसूफ, वहीद खान, मोहम्मद फैयाज खान, ईसा मोहम्मद, अब्दुल रहमान को सस्पेंड कर दिया गया। युसूफ खान, अब्दुल हकीम और मोहम्मद रफीक को नोटिस थमाए गए हैं।

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