ढाका: बांग्लादेश में शेख हसीना को हटाने वाले हिंसक छात्र आंदोलन के दौरान प्रमुखता से उभरने वाले नेता शरीफ उस्मान हादी की गुरुवार देर रात मौत हो गई। पिछले सप्ताह ढाका में गोली मारे जाने के बाद हादी का सिंगापुर में इलाज चल रहा था। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि शरीफ उस्मान हादी की चोटों के कारण मौत हो गई। गुरुवार देर रात हादी की मौत की खबर आते ही बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। आधी रात से ही राजधानी ढाका और देश के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा की खबरें आने लगीं। ढाका में स्थित बांग्लादेश के प्रमुख अखबार प्रथम आलो और डेली स्टार के दफ्तर में आग लगा दी गई है।
हादी की मौत पर बांग्लादेश में हिंसा
हादी की मौत की खबर सुनते ही हजारों लोग शाहबाग चौराहे पर जमा हो गए और तख्तियां लेकर नारे लगे। प्रदर्शनकारियों ने यूनुस सरकार पर हादी की रक्षा में नाकाम रहने का आरोप लगाया। राजशाही में शेख मुजीबुर रहमान के घर और अवामी लीग को दफ्तर को आगे हवाले कर दिया गया। चटगांव में भारतीय उच्चायोग के कार्यालय पर पथराव किया गया। प्रदर्शनकारी उप उच्चायुक्त के घर के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी करते हुए परिसर पर पत्थर फेंके।
शरीफ उस्मान हादी कौन थे ?
शरीफ उस्मान हादी पिछले साल जुलाई में शेख हसीना विरोधी आंदोलन के दौरान मशहूर हुए। 32 साल के हादी शेख हसीना विरोधी प्लेटफॉर्म इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे। वे फरवरी 2026 में होने वाले बांग्लादेश के आम चुनाव में ढाका-8 निर्चावन क्षेत्र से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर प्रचार कर रहे थे। इंकलाब मंच पिछले साल बांग्लादेश में जुलाई विद्रोह के दौरान चर्चा में आया था, जिसके कारण शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा।इस समूह को एक कट्टरपंथी संगठन बताया जाता है। यह समूह अवामी लीग को खत्म करने की कोशिशों में सबसे आगे रहा। हालांकि, छात्र विद्रोह में हिस्सा लेने के बावजूद यूनुस सरकार ने पार्टी को भंग कर दिया और उसे चुनावों में हिस्सा लेने से रोक दिया।
भारत विरोधी के रूप में आए सामने
हादी ने खुद को बांग्लादेश में भारत के कट्टर विरोधी के तौर पर पेश किया। उन्होंने न सिर्फ अवामी लीग बल्कि बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी पर भी हमला किया और चेतावनी दी कि बांग्लादेश में अब पुराने तरीके की और भारत समर्थक राजनीति नहीं चलेगी। हादी अपनी विवादित बयानबाजी के लिए मशहूर रहे। हाल ही में हादी ने तथाकथित ग्रेटर बांग्लादेश का नक्शा प्रसारित किया था, जिसमें भारतीय इलाके के हिस्से भी शामिल थे।
यूनुस ने किया राष्ट्रीय शोक का ऐलान
हादी की मौत पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने हादी के हत्यारों को पकड़ने और उन्हें सजा दिलाने का वादा किया। यूनुस ने कहा कि आज मैं आपके सामने बहुत दुखत खबर लेकर आया हूं। जुलाई विद्रोह के निडर फ्रंटलाइन योद्धा और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने कहा कि ‘हादी हारी हुई ताकतों और फासीवादी आतंकवादियों के दुश्मन थे।’ यह अपदस्थ प्रधानमंत्री और प्रतिबंधित अवामी लीग की तरफ इशारा था। उन्होंने आगे कहा, ‘मैं सभी नागरिकों से ईमानदारी की अपील करता हूं- धैर्य और संयम बनाए रखें।’