नई दिल्ली: पीयूष जैन और डॉ. प्रशांत अग्रवाल उदयपुर के रहने वाले हैं। जीजा-साले की इस जोड़ी ने कमाल कर दिया है। दोनों ने मार्च 2023 में स्किनकेयर ब्रांड स्किनइंस्पायर्ड (SkinInspired) की नींव रखी। सिर्फ 2 साल में इसने 12 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल कर लिया। स्टार्टअप ने रिफिलेबल स्किनकेयर मॉडल भी पेश किया। इसने प्लास्टिक की खपत को 80% तक कम करने में मदद की। आइए, यहां पीयूष जैन और डॉ. प्रशांत अग्रवाल की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।इस सफर की शुरुआत पीयूष जैन और उनके साले डॉ. प्रशांत अग्रवाल के विजन से हुई। पीयूष ने MIT कर्नाटक से इंजीनियरिंग की हुई है। CAT में उनका 99.36 पर्सेंटाइल था। P&G में वह सेल्स एग्जीक्यूटिव थे। वहीं, उनके साले डॉ. प्रशांत अग्रवाल 2007 से प्रैक्टिसिंग डर्मेटोलॉजिस्ट रहे हैं। उन्होंने 1.5 लाख से ज्यादा मरीजों का इलाज किया है। पीयूष ने P&G में रहते हुए भारतीय बाजार में प्रीमियम स्किनकेयर की बढ़ती मांग को करीब से समझा था। डॉ. प्रशांत ने अपने क्लिनिकल अनुभव में गलत कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स से त्वचा को होने वाले नुकसान को देखा था। दोनों ने महसूस किया कि सिर्फ प्राकृतिक या हर्बल का दावा करने वाले प्रोडक्ट्स अक्सर मार्केटिंग हथकंडे होते हैं। जबकि असली समाधान साइंस और लैबोरेटरी-टेस्टेड डर्मेटोलॉजी में छिपा है।ब्रांड का सबसे बड़ा यूएसपी इसका रिफिलेबल और ईकोफ्रेंडली पैकेजिंग मॉडल है। ग्राहक को सिर्फ एक बार प्रीमियम आउटर कंटेनर खरीदना होता है। बाद में वह सिर्फ इनर जार (रीफिल) बदल सकता है। इससे 80% प्लास्टिक कचरा कम होता है। इसके अलावा, विटामिन C जैसे महंगे और नाजुक कंपोनेट को हवा व रोशनी से बचाने के लिए पारंपरिक ड्रॉपर बोतलों की जगह खास एयरटाइट पंप वाले जार पेश किए गए। घरेलू बाजार में स्टैंडर्ड पैकेजिंग न मिलने पर संस्थापकों ने इसे खास तौर से आयात किया। इससे उत्पाद की इफेक्टिवनेस और शेल्फ लाइफ सेफ रहती है।मार्च 2023 में 4 कैटेगरी और 12 SKUs के साथ शुरुआत करने के तुरंत बाद अगले ही महीने (अप्रैल 2023) यूनिलीवर इंडिया ने कंपनी की क्षमता को पहचानकर 22% हिस्सेदारी के लिए 12 करोड़ रुपये का निवेश किया। अभी 16 प्रोडक्ट्स और 24 SKUs के साथ यह ब्रांड फेस वॉश, मॉइस्चराइजर, सनस्क्रीन और सीरम जैसे बेसिक स्किनकेयर प्रोडक्ट पेश करता है। इनकी कीमतें 449 रुपये से लेकर 1,499 रुपये के बीच हैं। 30 से ज्यादा कर्मचारियों और चंडीगढ़, गुरुग्राम और अहमदाबाद में 6 फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरर्स के साथ मिलकर यह कंपनी काम कर रही है।ब्रांड का पूरा फोकस भारतीय त्वचा की जरूरतों पर है। फॉर्मूलेशन तैयार करने में 1.5 साल का समय लगा। देशभर के 200 से अधिक बोर्ड-सर्टिफाइड डर्मेटोलॉजिस्ट की मदद ली गई। कंपनी अपनी वेबसाइट, अमेजन और नायका के साथ देशभर के 100 से अधिक क्लिनिकों और 550 शहरों में 200 एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स के जरिए अपने उत्पाद बेचती है। वहां से इसे 60-65% ऑफलाइन बिक्री मिलती है। चालू वित्तीय वर्ष में 18 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल करने के टारगेट के साथ ब्रांड यह साबित कर रहा है कि भारतीय इनोवेशन दुनिया के सबसे बड़े ब्रांड्स को भी मात दे सकता है।
सिर्फ 2 साल में 12 करोड़ का टर्नओवर, जीजा-साले की जोड़ी का कमाल, ऐसा क्या आइडिया हाथ लग गया