भोपाल, कछुओं की तस्करी में गिरफ्तार वन्य जीव अपराधी मन्नीवन्नन मुरुगेशन को थाइलैंड भेजा जाएगा। सिंगापुर का निवासी मुरुगेशन का अवैध व्यापार सिंगापुर सहित भारत, थाईलैंड, मलेशिया मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर में फैला है।
आरोपी की थाईलैंड प्रत्यर्पण की पुष्टि न्यायालय पटियाला हाउस नई दिल्ली ने की है। थाईलैंड सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने सुनवाई के बाद 6 जनवरी 2026 को तस्कर अपराधी मुरुगेशन के थाईलैंड प्रत्यर्पण की अनुमति का आदेश पारित किया है।
तस्कर मुरुगेशन से संबंधित संवेदनशील दस्तावेज मध्यप्रदेश वन विभाग की स्टेट टाइगर फोर्स ने बांग्लादेश के ढाका में 23-25 जुलाई 2018 को हुए बैठक में साझा किए गए थे। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कछुओं एवं जलीय वन्य-जीव की तस्करी की रोकथाम के लिए हुई थी। दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी में मुरुगेशन का नाम दुनिया में तीसरे नंबर पर था।
900 दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के साथ पकड़ाया मुरुगेशन को 27 अगस्त, 2012 को करीब 900 दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के साथ बैंकांक एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था, तब वह गैर-कानूनी तरीके से छूटने में कामयाब हो गया था। एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर थाईलैंड के प्रकरण पर इंटरपोल द्वारा रेड नोटिस भी जारी किया था।
एमपी में कछुओं की तस्करी में गिरफ्तार हुआ मन्नीवन्नन मुरुगेशन को कछुओं की तस्करी के अपराध में गिरफ्तार कर मध्यप्रदेश लाया गया था। मुरुगेशन पर थाईलैंड में भी वन्य जीव के अवैध व्यापार का प्रकरण दर्ज है। आरोपी की थाईलैंड प्रत्यर्पण की पुष्टि न्यायालय पटियाला हाउस नई दिल्ली ने की है। थाईलैंड सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने 6 जनवरी, 2026 को मुरुगेशन के थाईलैंड प्रत्यर्पण की अनुमति का आदेश पारित किया है।
थाईलैंड से मुरुगेशन के प्रत्यर्पण के अनुरोध पर केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने विधि अनुसार कार्यवाही करते हुए एक्ट-1962 के प्रावधान अनुसार जांच के लिए न्यायालय पटियाला हाउस नई दिल्ली में प्रकरण दर्ज कराया था।
वहां से जारी वारंट की तामिल कार्यवाही करते हुए मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स ने मुरुगेशन को अक्टूबर 2021 में नई दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष पेश किया था। साथ ही विदेश मंत्रालय अधिवक्ता को समस्त दस्तावेज सौंपकर प्रत्यर्पण की कार्यवाही प्रारंभ की गई थी।
सागर कोर्ट से बरी हो गया था, फिर STF ने पकड़ा एसटीएफ ने मुरुगेशन को चेन्नई से 30 जनवरी, 2018 को गिरफ्तार कर सागर के विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया था। आरोपी के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला सागर ने दोषी मानते हुए 7 वर्ष की सजा सुनाई थी। आरोपी ने उस निर्णय के विरुद्ध अपील दायर की गई थी।
अपील में निर्णय देते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय सागर ने दोषमुक्त कर दिया था, लेकिन एसटीएफ ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उक्त निर्णय के विरुद्ध अपील उच्च न्यायालय जबलपुर में दर्ज की थी और उसके पासपोर्ट को इम्पाउंड करवा दिया था। वर्तमान में अपील उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित है।
प्रत्यर्पण की पुष्टि हो जाने के बाद न्यायालय पटियाला हाउस नई दिल्ली के आदेश से वर्तमान में आरोपी मुरुगेशन को गिरफ्तार कर तिहाड़ तेल नई दिल्ली में रखा है।