नाटक के जरिए बेटियों और महिलाओं को किया जागरूक: ‘परवाज़-ए-अबाबील’ अवार्ड्स में गूंजा शिक्षा, हुनर, हरियाली और सुरक्षा का संदेश

रविंद्र भवन में ‘जश्न-ए-तालीम 2026’ का भव्य आयोजन; प्रदेशभर के 300 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित, 2 लाख पौधे लगाने के महाअभियान का आगाज

भोपाल। शिक्षा, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को एक मंच पर लाने वाले राज्य स्तरीय ‘जश्न-ए-तालीम 2026 – परवाज़-ए-अबाबील अवार्ड सेरेमनी (सीजन-2)’ का भव्य आयोजन रविवार को रविंद्र कन्वेंशन सेंटर में किया गया। परवाज़ सोशल अवेयरनेस एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित समारोह में भोपाल, बुरहानपुर, सीहोर, राजगढ़, अशोकनगर, उज्जैन, विदिशा और बालाघाट सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के 300 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को ट्रॉफी, प्रशस्ति-पत्र और विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा के साथ कौशल, पर्यावरण संरक्षण, महिला सुरक्षा और नशामुक्ति का संदेश भी दिया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सनव्वर पटेल, शहर काजी मौलाना मुश्ताक अली नदवी, नायब काजी सैयद अली क़दर हुसैनी एवं महाकोशल ग्रुप के चेयरमैन नवाब रज़ा साहब उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. नाज़िया, डॉ. जकरिया, डॉ. जुनेद, आर्किटेक्ट एस.एम. हुसैन, आर्किटेक्ट अब्दुल मजीद, लायन मोहम्मद सुहैल, मोटिवेशनल स्पीकर आमिर महबूब, वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी सैयद जाहिद मीर सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

‘मेरी गुड़िया’ ने दिया महिला सुरक्षा और सोशल मीडिया जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम में मुनव्वर अली खान लिखित सोलो ड्रामा ‘मेरी गुड़िया’ का मंचन विशेष आकर्षण रहा। इसमें आबिद मोहम्मद खान ने प्रभावशाली अभिनय किया, जबकि मोहम्मद सलमान ने निर्देशन की जिम्मेदारी संभाली। मंच के पीछे काजिम हसन और उमर असलम ने सहयोग किया। नाटक के माध्यम से लड़कियों एवं महिलाओं को सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के दुरुपयोग से होने वाले खतरों के प्रति जागरूक किया गया। एक पिता के भयावह सपने के माध्यम से दिखाया गया कि डिजिटल माध्यमों का गलत उपयोग किस तरह परिवारों को संकट में डाल सकता है। प्रस्तुति ने बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और परिवार की जिम्मेदारी का भावनात्मक संदेश दिया।

शिक्षा के साथ हुनर और संस्कार भी जरूरी

वक्ताओं ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता की पहली सीढ़ी माता-पिता का सम्मान, अनुशासन और अच्छे संस्कार हैं। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को किसी न किसी कौशल में भी दक्ष होना होगा। नवाब रज़ा साहब ने विद्यार्थियों को स्किल आधारित शिक्षा अपनाने, लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।

2 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य, 1500 लोगों को बांटे पौधे और बीज

आयोजन की विशेष पहल ‘तालीम के साथ हरियाली’ अभियान रही। आर्किटेक्ट एस.एम. हुसैन की ओर से विभिन्न प्रजातियों के 2 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। अभियान के तहत समारोह में मौजूद लगभग 1500 लोगों को पौधे और बीज वितरित किए गए। विद्यार्थियों को पौधारोपण और पौधों की देखभाल की जानकारी देते हुए पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

नशे और मोबाइल एडिक्शन से दूर रहने का संकल्प

कार्यक्रम में युवाओं में बढ़ती मोबाइल निर्भरता और नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को शिक्षा, खेल, नवाचार और समाज सेवा की दिशा में अपनी ऊर्जा लगाने तथा नशामुक्त एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ दिलाई।

15 स्टेट टॉपर्स को स्वर्गीय अब्दुल लतीफ स्मृति कैश प्राइज

समारोह में एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं परीक्षाओं में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। वहीं 15 विशेष स्टेट टॉपर्स को जनाब अब्दुल ताहिर साहब के पिता स्वर्गीय अब्दुल लतीफ साहब की स्मृति में विशेष कैश प्राइज प्रदान किए गए।

इनके सहयोग से सफल रहा आयोजन

कार्यक्रम का संचालन डॉ. उजमा ने किया। आयोजन को सफल बनाने में मुनव्वर अली खान, एडवोकेट आबिद मोहम्मद खान , अरशद अंसारी, नफीस उर रहमान, उमर असलम, काजिम उल हसन, यूसुफ खान, मोहम्मद अली, गुलशाद बेगम, शाहब सलीम और मुहम्मद शोएब की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं रेहान सुल्तान खान, नवाब रज़ा साहब, डॉ. जकरिया, डॉ. नाज़िया, शकील इस्माइल, एईजी आई हॉस्पिटल, दानिश पार्लर और सैयद साजिद अली के विशेष सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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