सौरव गांगुली को क्यों पसंद नहीं मैच्योर धोनी? दादा ने माही की उस एक काबिलियत पर कह दी इतनी बड़ी बात

नई दिल्ली: दादा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे न केवल एक महान कप्तान थे, बल्कि एक बड़े दिल वाले इंसान भी हैं। सौरव गांगुली ने एमएस धोनी को भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ व्हाइट-बॉल कप्तान बताकर खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया। बता दें कि सौरव गांगुली की ही कप्तानी में एमएस धोनी ने भारत के लिए डेब्यू किया था और एमएस धोनी के करियर को बनाने में उनका रोल काफी अहम रहा है।

गांगुली का बड़ा कबूलनामा

टीवी9 के समिट के दौरान जब सौरव गांगुली से उनकी और धोनी की कप्तानी की तुलना पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही सादगी से जवाब दिया। गांगुली ने कहा, ‘एमएस धोनी ने वर्ल्ड कप जीता है, जबकि मैं उपविजेता (2003) रहा था। सफलता का असली पैमाना ट्रॉफियां ही होती हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि उनके समय में टी20 क्रिकेट नहीं था, लेकिन धोनी ने 2007 (T20 वर्ल्ड कप), 2011 (ODI वर्ल्ड कप) और 2013 (चैंपियंस ट्रॉफी) जीतकर जो तीन बड़े खिताब पूरा किया, वह उन्हें सबसे महान बनाता है।

गांगुली को आज भी यंग धोनी पसंद

गांगुली ने धोनी के शुरुआती दिनों को याद करते हुए एक दिलचस्प बात कही। उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे मैच्योर धोनी से ज्यादा वो यंग धोनी पसंद था जो लंबे बाल रखता था और बिना किसी डर के छक्के लगाता था। मैंने बहुत कम ऐसे खिलाड़ी देखे हैं जो इतनी सहजता से गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचा सकते थे। दबाव में भी वह अपनी मर्जी से छक्के जड़ने की काबिलियत रखते थे।’

क्षेत्रीय गौरव और धोनी इफेक्ट

गांगुली ने झारखंड जैसे छोटे राज्य से निकलकर एक वैश्विक दिग्गज बनने के लिए धोनी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि धोनी ने पूर्वी भारत (झारखंड, बिहार, बंगाल) के खिलाड़ियों के लिए आत्मविश्वास के दरवाजे खोले। दादा ने कहा, ‘ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी आज अगर बड़े सपने देख रहे हैं, तो इसके पीछे धोनी इफेक्ट है। जब कोई छोटे राज्य से निकलकर माही जैसा बनता है, तो दूसरों को भी भरोसा होता है कि वे भी यह कर सकते हैं।’

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