भारत का दोस्‍त क्‍यों कर रहा पाकिस्‍तान की तारीफ? पुतिन के करीबी की इस्लामाबाद को शुभकामनाएं, बड़ा बयान

मास्को: क्रेमलिन के प्रवक्ता और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेस्कोव ने ईरान-अमेरिका संघर्ष और दुनिया में उर्जा संकट पर बात की है। उन्होंने होर्मुज की नाकेबंदी पर चिंता जताते हुए इसे दुनिया में आने वाले एक बड़े संकट की आहट कहा है। पेस्कोव ने ईरान संघर्ष में पाकिस्तान की भूमिका को भी सराहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने जिस तरह से ईरान और अमेरिका में मध्यस्थता की है, उसे रूस अच्छी नजर से देखता है। रूस की ओर से पाकिस्तान की तारीफ ध्यान खींचती है क्योंकि मॉस्को के संबंध ऐतिहासिक रूप से इस्लामाबाद नहीं बल्कि दिल्ली से रहे हैं।

पाकिस्तान ने बीते हफ्ते अमेरिका और ईरान की बातचीत की मेजबानी की है। एक बार फिर जल्दी ही पाकिस्तान में वार्ता हो सकती है। इस पर पेस्कोव ने कहा, ‘हम अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए माहौल और वातावरण बनाने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना करते हैं। रूस यह कामना करता है कि इस्लामाबाद में आगामी बातचीत सफल रहे और यह संघर्ष खत्म हो।’

‘रूस में रख दें ईरान का यूरेनियम’

इंडिया टुडे से बातचीत में ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम की कस्टडी लेने के रूस के प्रस्ताव पर पेस्कोव ने जवाब दिया है। दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यह प्रस्ताव काफी समय पहले दिया था कि हम ईरान का संवर्धित यूरेनियम को अपनी जमीन पर लेने के लिए तैयार है।

पेस्केव ने कहा कि ईरान के यूरेनियम पर रूस का प्रस्ताव एक अच्छा समाधान हो सकता था लेकिन अमेरिकी पक्ष ने इसे खारिज कर दिया। फिलहाल ईरानी संवर्धित यूरेनियम को रूस भेजने का प्रस्ताव शायद बातचीत में नहीं है। हालांकि रूस का रुख इस पर आज भी खुला है। संबंधित देशों को इसकी जरूरत पड़ती है तो हम तैयार हैं।

हमारा ईरान के साथ सहयोग: पेस्कोव

पेस्कोव ने यह साफ किया है कि परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में रूस और ईरान का सहयोग है। उन्होंने कहा, ‘ हम वहां एक परमाणु संयंत्र बना रहे हैं, ये बुशेहर में है। हम ईरान में शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा तकनीकें लाने और उस देश की अर्थव्यवस्था में एक अलग क्षेत्र बनाने में पूरी तरह से शामिल हैं। यही परियोजना भारत में भी चल रही है।’

रूसी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका की ओर से ईरान पर परमाणु हथियार बनाने का आरोप लगाया जाता रहा है। ईरान ने साफ किया है कि उसका परमाणु हथियार बनाने का कोई लक्ष्य नहीं है। इस क्षेत्र की जिम्मेदार अंतर्राष्ट्रीय संस्था है IAEA है। IAEA की ओर से सबसे ज्यादा निरीक्षण किए जाने वाले देशों में से एक ईरान रहा है।

भारत हमारा खास सहयोगी: पेस्कोव

भारत और दुनियाभर में उर्जा संकट पर दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि रूस नई दिल्ली को अपनी लंबी अवधि की रणनीति के केंद्र में देखता है। भारत हमारे लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है एनर्जी संकट में भारत से दूरी बनाने का रूस का कोई इरादा नहीं है। जरूरत पड़ी तो रूस सप्लाई बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

पेस्कोव ने यह माना है कि ईरान में संघर्ष रुकने पर भी खाड़ी क्षेत्र से बाधित आपूर्ति की भरपाई तुरंत नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र के तेल उत्पादन का एक-तिहाई हिस्सा बाजार से बाहर हो गया है। इसकी भरपाई रातों-रात नहीं की जा सकती है। तेल बाजार को फिर से संतुलित होने में निश्चित ही कुछ समय लगेगा।

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