पिछले साल, पूर्व अभिनेत्री जरीन खान का मुंबई स्थित उनके घर पर निधन हो गया था, जिसके बाद उनके बेटे जायद खान ने हिंदू रीति-रिवाजों से उनका अंतिम संस्कार किया था। अंतिम संस्कार की रस्में निभाते हुए कई वीडियो सामने आए थे, जिससे ऑनलाइन काफी चर्चा हुई। लोगों ने इस पर भी सवाल उठाया कि मुस्लिम होकर हिंदू रिवाज से अंतिम संस्कार क्यों हुआ। अब, इस आलोचना का जवाब देते हुए, जायद ने खुलासा किया है कि उनकी मां की अंतिम इच्छा थी कि उनकी अस्थियों को नदी में विसर्जित किया जाए।
हाल ही में जूम को दिए एक इंटरव्यू में जायद खान अपनी मां जरीन खान की अंतिम इच्छा को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने मुस्लिम परिवार में शादी करने और पारसी मूल की होने के बावजूद, उनके हिंदू अंतिम संस्कार को लेकर उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया।
सभी धर्मों को मानते हैं जायद खान
जायद ने बताया कि उनके घर में ‘इंसानियत’ सर्वोपरि है। एक्टर ने कहा कि उनके कर्मचारी कई तरह के बैकग्राउंड से आते हैं, और उनके रहने, खाने और अन्य खर्चों का ख्याल रखने के अलावा, उनका परिवार यह भी देखता है कि उनके बच्चों को सभी मौके मिलें।
मां की अंतिम इच्छा का खुलासा
उन्होंने अपनी मां की अंतिम इच्छा का खुलासा करते हुए उन्होंने उस दिन को याद किया जब वह एक ‘सुंदर नदी’ के किनारे बैठी थीं और उनके मन में अचानक यह विचार आया कि अगर मैं कभी मर जाऊं, तो मैं चाहती हूं कि मेरी राख इस नदी में बह जाए। मैं मुक्त होना चाहती हूं।
पिछले साल जरीन खान का निधन
पिछले साल 7 नवंबर को जायद खान और सुजैन खान की मां जरीन खान का मुंबई में निधन हो गया। 81 वर्ष की आयु में उम्र संबंधी बीमारियों के कारण जरीन का देहांत हुआ। उनके पारसी मूल के होने के बावजूद, उनके बेटे जायद ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया।
कौन हैं जरीन खान?
जरीन ने देव आनंद के साथ हिंदी फिल्म ‘तेरे घर के सामने’ (1963) में अभिनय किया था। उनकी मुलाकात एक्टर संजय खान से 1960 के दशक में हुई और उन्होंने 1966 में शादी कर ली। जरीन के परिवार में उनके पति संजय और उनके बच्चे – बेटा जायद और बेटियां सुजैन, फराह और सिमोन अरोरा हैं। जरीन और संजय ने पिछले साल अप्रैल में अपनी 59वीं शादी की सालगिरह मनाई थी।