नई दिल्ली: पिछले हफ्ते जारी हुए नए इनकम टैक्स फॉर्म में कई बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव उन सभी के लिए जरूरी हैं जो असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए 31 जुलाई 2026 तक अपना टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की योजना बना रहे हैं। ये फॉर्म वित्त वर्ष (FY) 2025-26 की कमाई के लिए हैं और इसमें आपको इनकम टैक्स के पुराने नियमों का ही पालन करना होगा।
इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक नए नोटिफाई किए गए सभी फॉर्म (ITR 1 से 7) में सबसे बड़ा बदलाव पते को लेकर है। फॉर्म के पार्ट-A में जहां टैक्स भरने वाले की निजी जानकारी जैसे नाम, पैन (PAN), आधार नंबर और संपर्क की जानकारी मांगी जाती है, वहां अब एक नया कॉलम जोड़ा गया है।
क्या होगा नया?
- Taxmann रिसर्च के मुताबिक, अब तक के फॉर्म में सिर्फ एक अड्रेस, दो मोबाइल नंबर और दो ईमेल आईडी देने होते थे।
- असेसमेंट ईयर 2026-27 के नए फॉर्म में अब प्राइमरी (मुख्य) पते के साथ-साथ सेकंडरी (दूसरा) पता देने का भी ऑप्शन दिया गया है।
- साथ ही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के कॉलम को भी अब प्राइमरी और सेकंडरी संपर्क जानकारी के तौर पर पहचान दी गई है।
क्या प्रतिनिधियों को मिलेगी राहत?
अगर कोई व्यक्ति किसी और की तरफ से टैक्स रिटर्न भरता है, तो उसे ‘प्रतिनिधि’ कहा जाता है। पहले के फॉर्म में प्रतिनिधि का नाम, क्षमता, पता और पैन/आधार जैसी कई जानकारियां मांगी जाती थीं। नए फॉर्म में इसे सरल बना दिया गया है। अब प्रतिनिधि को सिर्फ तीन जानकारियां देनी होंगी। इनमें प्रतिनिधि का नाम, ईमेल आईडी और प्रतिनिधि का मोबाइल नंबर शामिल है।
यह चीज हटाई गई
नए ITR फॉर्म में डुअल रिपोर्टिंग (दोहरी जानकारी देने) की व्यवस्था को हटा दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि दरों में बदलाव केवल पिछले वर्ष 2024-25 के लिए ही था। चूंकि AY 2026-27 से संबंधित पिछले वर्ष के दौरान बीच में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए अब ट्रांसफर की तारीख के आधार पर कैपिटल गेन का अलग-अलग विवरण देना जरूरी नहीं है। इससे रिपोर्टिंग का ढांचा पहले से काफी सरल हो गया है।