नई दिल्ली: पाकिस्तान सुपर लीग को लेकर इन दिनों पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के गलियारों में अजीबोगरीब स्थिति बनी हुई है। मार्च 2026 में पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए ऐलान किया था कि पूरा टूर्नामेंट बिना दर्शकों के खेला जाएगा और इसे केवल लाहौर और कराची तक ही सीमित रखा जाएगा। नकवी ने इसके पीछे मिडल ईस्ट में चल रहे क्षेत्रीय संघर्षों के कारण पैदा हुए ईंधन संकट का हवाला दिया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि प्रधानमंत्री ने नागरिकों से ऊर्जा बचाने के लिए यात्रा कम करने का अनुरोध किया है।
अपने ही बयान में फंस गया नकवी
हालांकि, नकवी अपने इस दावे पर ज्यादा दिनों तक टिक नहीं सके और हाल ही में स्थानीय मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने पूरी तरह यू-टर्न ले लिया। नकवी ने अपने ताजा बयान में कहा कि पाकिस्तान में पेट्रोल या ईंधन की कोई कमी नहीं है। चेयरमैन के इस विरोधाभासी रुख ने क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा यह है कि अगर ईंधन की कमी नहीं थी तो आखिर फैंस को स्टेडियम से दूर क्यों रखा गया और मैचों को दो ही शहरों में क्यों समेटा गया?