भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादले एक से 15 जून तक हो सकेंगे। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के स्थानांतरण जिला स्तर पर प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से हो सकेंगे। प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के तबादले राज्य स्तर से किए जाएंगे। स्वेच्छा से स्थानांतरण चाहने वालों के लिए पद रिक्त होने पर प्राथमिकता दी जाएगी।
पति-पत्नी (दंपती) दोनों के शासकीय सेवा में होने पर पदस्थापना एक स्थान पर की जाएगी। इसके लिए पति-पत्नी समायोजन नीति बनाई गई है। गंभीर बीमारी से पीड़ित शासकीय सेवकों को भी तबादले में रियायत दी जाएगी। राज्य स्तर पर प्रभारी मंत्रियों की अनुशंसा को भी प्राथमिकता दी जाएगी।विधायक-सांसद या अन्य जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा होने पर भी निर्णय विभागीय लेंगे। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में बुधवार को स्थानांतरण नीति-2026 को अनुमति दी गई। इसके साथ ही कैबिनेट ने प्रतिबंध शिथिल करते हुए 15 दिन के लिए तबादले के अनुमति दी है।
ई- आफिस के जरिये ही होंगे तबादले
नोटशीट में ए-प्लस श्रेणी के मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों स्थिति में स्वीकार होंगे। मंत्री व प्रभारी मंत्रियों की अनुशंसा पर तबादले होंगे। मंत्री का अनुमोदन ई-आफिस के माध्यम से ही होगा। इतना ही नहीं विभाग अपनी सुविधा के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के अनुमोदन व मुख्यमंत्री की अनुशंसा से तबादला नीति बना सकेंगे।
कैबिनेट में तबादला नीति के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण, पीएचई, कृषि, श्रम और लोक सेवा प्रबंधन विभाग के निरंतरता के बजट से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। कैबिनेट में हुए निर्णयों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि प्रदेश के विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए 30,055 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई।
ई-रिक्शा से पहुंचे मंत्री टेटवाल और पवार
बैठक में शामिल होने बुधवार को मंत्री गौतम टेटवाल और नारायण सिंह पवार ई-रिक्शा से मंत्रालय पहुंचे। भोपाल के चार इमली में पास-पास रहने वाले दोनों मंत्रियों ने एक ही ई-रिक्शा से करीब ढाई किलोमीटर का सफर तय किया। बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, नागर सिंह चौहान और निर्मला भूरिया मौजूद नहीं थे।