भारत और अफगानिस्तान के बीच मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा एकमात्र टेस्ट मैच इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। इस मुकाबले में दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए कई बड़े रिकॉर्ड बना दिए। जहां एक तरफ भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने अपना दबदबा बनाया वहीं अफगानिस्तान के खिलाड़ियों ने भी थोड़ी सी कोशिश जरूर की। आइए नजर डालते हैं इस मैच में बने 5 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर।
शुभमन गिल का बड़ा कारनामा
भारतीय टीम के युवा कप्तान शुभमन गिल एक बड़े रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में बतौर कप्तान कम से कम 1000 रन बनाने वाले खिलाड़ियों में गिल का बल्लेबाजी औसत अब दूसरा सबसे सर्वश्रेष्ठ हो गया है। गिल फिलहाल 82.76 के अविश्वसनीय औसत के साथ खेल रहे हैं। इस मामले में वे अब सिर्फ क्रिकेट के सर्वकालिक महान बल्लेबाज सर डोनाल्ड ब्रैडमैन से पीछे हैं जिनका टेस्ट कप्तानी में औसत 101.51 का था।
मानव सुथार ने रचा इतिहास
अपने करियर का पहला टेस्ट मैच खेल रहे बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने अफगानिस्तान की पहली पारी में अपनी फिरकी से इतिहास रच दिया। सुथार ने महज 33 रन देकर 6 विकेट चटकाए। इसके साथ ही वे भारत के लिए अपने टेस्ट डेब्यू की पहली पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन करने वाले दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। इस सूची में साल 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 61 रन देकर 8 विकेट लेने वाले नरेंद्र हिरवानी आज भी पहले स्थान पर काबिज हैं।
ये कारनामा भी मानव के नाम
मानव सुथार ने मैच में केवल पांच विकेट हॉल ही नहीं लिया बल्कि उन्होंने मैच की शुरुआत में ही एक अनोखा कारनामा कर दिखाया था। उन्होंने अपने टेस्ट करियर के पहले ही ओवर में अफगानिस्तान का विकेट चटकाया। इसके साथ ही वे टेस्ट डेब्यू के पहले ओवर में विकेट लेने वाले भारत के आठवें गेंदबाज बन गए। भारत के लिए यह कारनामा पूरे 25 साल बाद हुआ है, इससे पहले साल 2001 में तेज गेंदबाज टीनू योहानन ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट के पहले ही ओवर में सफलता हासिल की थी।
अफगानिस्तान के गेंदबाज का कमाल
भारतीय बल्लेबाजों के दबदबे के बीच अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम सैफी ने अपनी गेंदबाजी से खासा प्रभावित किया। सलीम ने भारतीय पारी के दौरान कड़ी मेहनत करते हुए 140 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किए। यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी अफगानी तेज गेंदबाज द्वारा किया गया दूसरा सबसे बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन है।