भोपाल में स्मार्ट मीटर बने उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण? महीनों बाद थमाए हजारों रुपये के बिजली बिल

भोपाल। राजधानी में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं ने नई तरह की समस्या सामने रखी है।

उन्होंने कहा कि उन्हें बिजली की खपत या मीटर की रीडिंग से ज्यादा परेशानी इस बात से है कि दो से तीन माह तक नियमित बिजली बिल नहीं भेजे गए। इसके बाद पूरी अवधि की खपत जोड़कर एक साथ हजारों रुपये का बिल थमा दिया गया। इससे घरेलू बजट पर अचानक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

  • उपभोक्ताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान हर माह सटीक रीडिंग और समय पर बिल मिलने का भरोसा दिया था, लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं हुआ। पहले कम राशि के बिल जारी किए या फिर लगातार दो-तीन माह तक बिल ही नहीं भेजे। अब एक साथ पूरी राशि जमा करने के लिए कहा जा रहा है।
  • उपभोक्ताओं ने कहा कि उनकी शिकायत बिजली की कुल खपत को लेकर नहीं है। हम बिलिंग व्यवस्था से परेशान हैं। हर माह नियमित रीडिंग के आधार पर बिल जारी किया जाए, तो भुगतान आसान रहेगा। परिवारों पर अचानक हजारों रुपये का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। उनका यह भी कहना है कि नियमित मासिक बिलिंग से सब्सिडी योजनाओं का लाभ भी बेहतर तरीके से मिल सकेगा।

    एक साथ थमा दिया महीनों का बिल

    • बीडीए कॉलोनी, सलैया स्थित प्यारेलाल खंडेलवाल परिसर के एक उपभोक्ता हेमारानी कटारिया ने बताया कि उनके घर का बिजली बिल पहले सामान्य रूप से 85 से 200 रुपये के बीच आता था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद दो माह तक नियमित बिल नहीं मिला। उसके बाद एक साथ कई महीनों की रीडिंग जोड़कर 6 हजार बिल जारी कर दिया गया।
  • ई-8, भरत नगर निवासी राकेश दीक्षित को दो महीने तक बिजली कंपनी से कोई बिल नहीं मिला। बाद में उन्हें सीधे 16,137 रुपये का बिल भेज दिया गया। इस तरह की शिकायत शहर में कई उपभोक्ताओं ने दर्ज कराई है।

    उपभोक्ताओं की शिकायतों का होगा निपटारा

    कई बार मीटर लगाने वाली एजेंसी स्मार्ट मीटर लगा देती हैं, लेकिन उसका डेटा अपलोड नहीं करती। जिस कारण इस तरह की दिक्कत हो जाती है। इसको ध्यान में रखते हुए संबंधित एजेंसी पर कारवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं के शिकायतों का भी निपटारा जल्द से जल्द किया जाएगा।

  • प्रदीप सिंह चौहान, जीएम, बिजली कंपनी भोपाल


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