भोपाल, कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की गलती के कारण विशेष शिक्षक भर्ती परीक्षा में बिना योग्यता के चयनित हुए अभ्यर्थियों की अब जांच होगी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ईएसबी ने पोर्टल खोलकर अभ्यर्थियों से आरसीआई (Rehabilitation Council of India) से मान्यता प्राप्त डिप्लोमा सर्टिफिकेट अपलोड करने को कहा है। अभ्यर्थियों को 8 जुलाई तक अपना प्रमाण पत्र जमा करना होगा। प्रमाण पत्र अपलोड नहीं करने वाले उम्मीदवारों को मेरिट सूची से बाहर कर अयोग्य घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल वर्ष 2025 में कर्मचारी चयन मंडल ने विशेष शिक्षकों के 3200 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा में करीब 5000 अभ्यर्थी क्वालिफाई हो गए थे। इसके बाद स्थिति यह बनी कि मध्यप्रदेश में जितने अभ्यर्थियों के पास आरसीआई से मान्यता प्राप्त डिप्लोमा थे, उससे अधिक उम्मीदवार मेरिट सूची में शामिल हो गए।
हां विकल्प भरकर ले लिए बोनस अंक
इस मामले में आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया ने मार्च में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों से आरसीआई से मान्यता प्राप्त दो वर्षीय डिप्लोमा होने को लेकर सिर्फ "हां/ना" का विकल्प पूछा गया था। डिप्लोमा होने पर उम्मीदवारों को 5 बोनस अंक दिए जाने थे। इसी वजह से कई अभ्यर्थियों ने बिना प्रमाण पत्र "हां" विकल्प भर दिया और बोनस अंकों के आधार पर मेरिट में जगह बना ली।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
डॉ. खेमरिया के अनुसार इस संबंध में कई शिकायतें मिलने के बाद आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय ने स्कूल शिक्षा विभाग और कर्मचारी चयन मंडल को पत्र लिखा था। कुछ अभ्यर्थियों ने इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। हाईकोर्ट ने 14 मई को आदेश जारी कर इस विसंगति को दूर करने के लिए पोर्टल खोलकर जानकारी लेने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद ईएसबी ने अब अभ्यर्थियों को अपने वैध आरसीआई पंजीयन की कॉपी अपलोड करने का मौका दिया है। इसके लिए 24 जून से 8 जुलाई तक पोर्टल उपलब्ध रहेगा।
बिना प्रमाण पत्र वाले अभ्यर्थी होंगे बाहर
अधिकारियों के अनुसार जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन के समय आरसीआई डिप्लोमा होने का दावा किया था, लेकिन अब प्रमाण पत्र अपलोड नहीं कर पाएंगे, उन्हें वर्तमान मेरिट सूची से बाहर कर दिया जाएगा। इसके बाद विशेष बच्चों को पढ़ाने के लिए केवल वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।
गौरतलब है कि विशेष शिक्षक भर्ती परीक्षा में आरसीआई के अंतर्गत विशेष शिक्षा में डिप्लोमा रखने वाले अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत बोनस अंक का प्रावधान था। आवेदन प्रक्रिया में सत्यापन की व्यवस्था नहीं होने से यह स्थिति बनी और अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई है।