अटलांटा: फीफा विश्व कप 2026 में इंग्लैंड की फुटबॉल टीम उलटफेर का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। डीआर कांगो के खिलाफ मैच के 74वें मिनट तक इंग्लिश टीम पीछे थी। पहली बार टूर्नामेंट के इतिहास में नॉकआउट खेल रहे डीआर कांगो ने सितारों से सजी इंग्लैंड की टीम को कड़ी टक्कर दी। लेकिन अंत में इंग्लैंड को 2-1 से जीत मिली। 1974 के बाद डीआर कांगो की टीम फीफा विश्व कप में खेल रही है। इस जीत ने इंग्लैंड को राउंड ऑफ 16 में जगह दिला दी है। जहां उसका सामना मैक्सिको से होगा।
डीआर कांगो की तरफ से 7वें मिनट में गोल
डीआर कांगो ने मैच के 7वें मिनट में ही बढ़त बना ली थी। ब्रायन सिपेंगा ने टीम की तरफ से यह गोल दागा। सिपेंगा ने बाईं ओर से मिले गेंद को अपने कब्जे में लिया और जोरदार शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। डीआर कांगो के कप्तान चांसेल मबेम्बा ने यह गोल असिस्ट किया था। इस गोल के बाद इंग्लैंड ने काफी हमले किए लेकिन कांगो के डिफेंस को नहीं भेद पाई। गोलकीपर लियोनेल म्पासी ने एक के बाद एक जबरदस्त बचाव किए।
हैरी केन ने इंग्लैंड के लिए दोनों गोल दागे
इंग्लैंड की तरफ से कप्तान हैरी केन ने दोनों गोल दागे। 75वें मिनट में एंथनी गॉर्डन ने केन की तरफ एरियल पास किया। उन्होंने इसे हेडर से गोल पोस्ट के अंदर दाल दिया। लियोनेल पूरी कोशिश करने के बाद भी इसे नहीं रोक पाए। 86वें मिनट में केन ने गोलकीपर की बाईं ओर जोरदार शॉट लगाकर गोल मारा। इस दौरान लियोनेल म्पासी को हिलने का भी समय नहीं मिला।
हैरी केन ने महान पेले को पछाड़ा
फीफा विश्व कप इतिहास में हैरी केन के 13 गोल हो गए हैं। वह सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में संयुक्त रूप से छठे नंबर पर आ गए हैं। उन्होंने ब्राजील के महान पेले को भी पीछे छोड़ दिया है। 14 मैचों में पेले के टूर्नामेंट में 12 गोल है। केन का यह 15वां मैच था। उनके 13 हो गए हैं।