तेहरान: ईरान ने कथित तौर पर ये माना है कि इस हफ्ते की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हमला नहीं होना चाहिए था। ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के सलाहकारों से निजी बातचीत में कहा कि हम जहाजों पर हमले को अपनी गलती मानते हैं और आगे बातचीत जारी रखना चाहते हैं। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले दोनों देशों में तनाव की वजह बने हैं। जहाजों पर अटैक के बाद अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए हैं। ईरानी सेना ने भी अपनी जवाबी कार्रवाई की है।
अमेरिका के सीबीएस न्यूज ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में ईरान के गलती मानने का दावा किया है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि ईरानी अफसरों ने निजी तौर पर ट्रंप के सलाहकारों से कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर अटैक गलती थी। उन्होंने कहा कि ये हमले कट्टरपंथियों के एक अनियंत्रित गुट ने किए, जो बातचीत को नाकाम करना चाहते हैं लेकिन वे बातचीत जारी रखना चाहते हैं। ईरान की ओर से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
बातचीत जारी रखेंगे ईरान-अमेरिका
रिपोर्ट दावा करती है कि अमेरिका चाहता है कि ईरान को सार्वजनिक तौर पर भी गलती स्वीकार करनी चाहिए। वाइट हाउस इस पर जोर दे रहा है कि ईरान सरकार सार्वजनिक रूप से अपनी गलती माने। ट्रंप प्रशासन ने होर्मुज में हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन माना है और इस पर सार्वजनिक बयान चाहता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने गुस्सा दिखाने और सीजफायर को खत्म करने की बात कहने के बाद वार्ता पर आगे बढ़ने का फैसला लिया है। ट्रंप ने अमेरिकी वार्ताकारों की अपनी टीम को बातचीत जारी रखने का निर्देश दिया है। इस टीम में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, उनके दामाद जेरेड कुशनर, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल हैं।
ओमान में होगी बातचीत
अमेरिका और ईरान के वार्ताकारों के बीच शनिवार को ओमान में बातचीत होनी है। इस बातचीत के जरिए एक बार फिर चीजों के शांत होने की उम्मीद की जा रही है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अगर ईरान दुश्मनी भरी हरकतें जारी रखता है तो अमेरिका सैन्य और आर्थिक दबाव का इस्तेमाल करके जवाब देगा।
होर्मुज पर वादा चाहता है अमेरिका
अमेरिका चाहता है कि ईरान सार्वजनिक रूप से कहे कि होर्मुज खुला है और ओमान की बातचीत में जहाजों पर गोलीबारी रोकने का वादा करे। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। अराघची के बातचीत में शामिल होने की उम्मीद है।
इस बीच तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को आसान बनाने के मकसद से बातचीत के लिए कतर का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ईरान पहुंचा है। हफ्ते की शुरुआत में फिर से लड़ाई शुरू होने के बाद शुक्रवार को कोई नया हमला नहीं हुआ है।