ढाका: बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि भारत से शेख हसीना का लौटना काफी हद तक नरेंद्र मोदी सरकार के सहयोग पर निर्भर करेगा। तारिक रहमान सरकार में विदेश राज्य मंत्री शमा ओबेद इस्लाम ने अपने एक बयान में ये कहा है। हसीना की ढाका वापसी पर शमा ने कहा कि इसके लिए भारत सरकार से राजनीतिक, कूटनीतिक और हर तरह के सहयोग की जरूरत है। अगस्त, 2024 से भारत में निर्वासन में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने हाल ही में ऐलान किया है कि वह इस साल के आखिर में अपने देश लौटेंगी।
प्रथोमोलो के मुताबिक, गुरुवार दोपहर को ढाका में शेख हसीना की वापसी पर मिनिस्टर शमा से सवाल किया गया था। इस पर उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश सरकार ने शेख हसीना और वहां मौजूद दूसरे ऐसे लोगों के बारे में नई दिल्ली को पत्र भेजे हैं, जिन पर आरोप साबित हुए हैं या जिन फिर मुकदमा चलाया जाना है। उम्मीद है कि भारत सरकार भेजे गए पत्रों का जवाब देगी और उनकी ढाका वापसी का इंतजाम करेगी।
‘शेख हसीना की वापसी जरूरी’
शमा ओबेद ने शेख हसीना के मामले में फैसले पर अमल को बांग्लादेश के लोगों और लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह बताना जरूरी है कि जो मारे गए या घायल हुए, उनके परिवारों को इस मामले में एक तरह से शांति या समाधान की ज़रूरत है। वे लोग उनके साथ न्याय देखना चाहते हैं, जिन्होंने उनके बच्चों की हत्या की।
शमा ने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि शेख हसीना को जल्द वापस लाया जाए। बांग्लादेश सरकार पूरी ईमानदारी से इसमें कोशिश कर रही है। हसीना को ढाका में मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। इसलिए उनके पास सरेंडर करने का कोई कानूनी मौका नहीं है। वह बांग्लादेश लौटेंगी तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। यही कानूनी रूप से सही होगा।
भारत के साथ बातचीत जारी
शमा ओबैद ने बताया कि शेख हसीना को वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत के साथ बातचीत चल रही है। यह बातचीत हसीना और हादी हत्याकांड के आरोपियों जैसे भारत में मौजूद लोगों के लिए जारी है। हादी हत्याकांड के आरोपी बिना किसी कानूनी दर्जे के जेल में हैं। हसीना भाग गई थीं और बिना किसी कानूनी दर्जे के भारत में हैं। हम उनको लाना चाहते हैं।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की ढाका वापसी पर भारत सरकार का रूख क्या होगा। इस पर कुछ भी कहना जल्दीबाजी होगी। भारत सरकार ने इस मुद्दे पर बांग्लादेश से आए बयानों और पत्रों के जवाब देने में बहुत सक्रियता नहीं दिखाई है। भारत ने इस मुद्दे पर अब तक बहुत सीमित और सधी हुई प्रतिक्रिया दी है।
हमारे संबंधों पर असर नहीं: शमा
शमा ओबेद ने इस बात को खारिज कर दिया कि शेख हसीना की वापसी का मुद्दा भारत-बांग्लादेश के संबंधों में रुकावट डालेगा। उन्होंने कहा कि संबंध अपनी जगह बने रहेंगे। दो देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध कई तरह के होते हैं। ऐसे में हम निश्चित रूप से अपने संबंध बनाए रखेंगे। हमारा आदान-प्रदान जारी रहेगा।
BIMSTEC राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) एकेएम शम्सुल इस्लाम की दिल्ली यात्रा का जिक्र शमा ओबेद ने किया। उन्होंने कहा कि हमारे रक्षा सलाहकार BIMSTEC बैठक के लिए जा रहे हैं। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।