आईपीएल में रन, विदेशी पिचों पर सरेंडर, पुजारा ने बीसीसीआई से की बड़ी मांग

नई दिल्ली: इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 0-4 से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस शर्मनाक हार के बाद भारतीय बल्लेबाजों की तकनीक और मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। अक्सर देखा गया है कि भारतीय खिलाड़ी आईपीएल के दौरान सपाट पिचों पर तो रनों का अंबार लगा देते हैं, लेकिन जैसे ही उनके सामने विदेशों में चुनौतीपूर्ण और तेज गेंदबाजों के अनुकूल पिचें आती हैं, वे पूरी तरह फ्लॉप साबित होते हैं। भारतीय बल्लेबाजों के इसी लचर प्रदर्शन को देखते हुए टेस्ट विशेषज्ञ और पूर्व क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने BCCI से एक खास और बड़ी गुहार लगाई है।

गेंदबाजों को मिले मदद, भारत में बनें जीवंत विकेट

पूर्व दिग्गज बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि यदि भारतीय बल्लेबाजों को विदेशी दौरों पर सफलता हासिल करनी है, तो भारत के घरेलू पिचों के मिजाज को बदलना होगा। उन्होंने देश में अधिक जीवंत विकेट तैयार करने की वकालत की है। पुजारा के अनुसार, ऐसी पिचें बनाने से न सिर्फ गेंदबाजों को मदद मिलेगी, बल्कि घरेलू स्तर पर ही बल्लेबाजों को मुश्किल परिस्थितियों में खेलने का अनुभव भी प्राप्त होगा। मौजूदा समय में भारतीय बल्लेबाज इंग्लैंड जैसे देशों में तेज और स्विंग लेती पिचों पर रन बनाने के लिए बुरी तरह जूझ रहे हैं।

आईपीएल की सपाट पिचों और छोटी बाउंड्री पर उठाए सवाल

चेतेश्वर पुजारा ने आईपीएल के दौरान बनने वाले हाई-स्कोरिंग मैचों को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आईपीएल में भी कोई ऐसा मुकाबला देखना पसंद नहीं करता, जहां कोई भी टीम आसानी से 260 रनों जैसे विशाल लक्ष्य को हासिल कर ले। क्रिकेट के इस फटाफट फॉर्मेट में रोमांच तभी बना रहता है, जब गेंदबाजों के लिए भी पिच में कुछ न कुछ मदद मौजूद हो। वर्तमान समय में पिचों का पूरी तरह सपाट होना और मैदान की बाउंड्री का छोटा होना गेंदबाजों के लिए काल साबित हो रहा है।

टी20 क्रिकेट में गलतियों की गुंजाइश बेहद कम

बल्लेबाजों को नसीहत देते हुए पुजारा ने कहा कि टी20 क्रिकेट में पहले से ही गेंदबाजों के लिए गलतियों की गुंजाइश बहुत कम होती है। ऐसे में अगर पिचें पूरी तरह से बल्लेबाजों के अनुकूल बना दी जाएंगी, तो क्रिकेट का संतुलन बिगड़ जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि हालिया इंग्लैंड दौरे में भारतीय बल्लेबाजों के फुटवर्क और टाइमिंग में भारी कमी देखी गई, जिसके चलते उनके बल्ले से पर्याप्त और आक्रामक शॉट्स देखने को नहीं मिले। अगर भविष्य में आईसीसी ट्रॉफी जीतनी है, तो बीसीसीआई को पुजारा की इस सलाह पर गंभीरता से विचार करना होगा।

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