अमृतसर: शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में पेपर लीक मामले को लेकर भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि कितनी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि पंजाब में पेपर लीक की घटना को नजरअंदाज़ कर अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि ‘बाहरी’ सीएम साहब से मेरा सीधा सवाल और एक आम सुझाव है, क्यों न सोनम वांगचुक को पंजाब का शिक्षा मंत्री बना दिया जाए? इससे पहले शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब की मान सरकार पर परीक्षा के पेपर लीक करने का आरोप लगाया था।
सुखबीर बादल ने लगाए थे आरोप
हरसिमरत कौर बादल का बयान उस समय आया है कि जब केंद्र सरकार जंतर-मंतर पर सीजेपी आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज पर घिरी है। आम आदमी पार्टी इस आंदोलन का समर्थन कर रही है। अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के कई नेता जंतर-मंतर जा चुके हैं। मंगलवार को अमृतसर में अकाली दल के नेता सुखबीर बादल ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर छात्रों के साथ नकली एकजुटता दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आप सरकार पंजाब में स्थानीय भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक, पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की परीक्षाओं में गड़बड़ी और फार्मेसी अधिकारी परीक्षा में नकल रैकेट जैसे मुद्दों को हल करने में नाकाम रही है।
पंजाब फार्मेसी एग्जाम पेपर लीक में 35 पकड़े
बता दें कि रविवार को पंजाब में फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान एक अंतर-राज्यीय नकल नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया था। पंजाब पुलिस ने इस केस में 35 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें सात नकल कराने वाले और 28 उम्मीदवार शामिल हैं। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि यह गैंग परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों की मदद के लिए एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और लाइव कम्युनिकेशन का इस्तेमाल करता था। आरोपियों से बैटरी से चलने वाले 27 वायरलेस माइक्रो डिवाइस बरामद किए गए हैं। यह परीक्षा फरीदकोट और फिरोजपुर के केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
पेपर लीक के लिए पेन कैमरे का इस्तेमाल
पंजाब पुलिस ने बताया कि फिरोज़पुर में परीक्षा देने वाले आयुष नाम के एक उम्मीदवार ने कथित तौर पर प्रश्न पत्र की तस्वीरें लेने के लिए छिपे हुए पेन कैमरे का इस्तेमाल किया। बताया जाता है कि ये तस्वीरें वॉट्सऐप के ज़रिए हरियाणा के भिवानी में साजन को भेजी गई थीं। फिर साजन ने प्रश्न पत्र दीपक के साथ शेयर किया, जो फरीदकोट के सोसाइटी नगर में एक घर के अंदर बनाए गए अस्थायी कंट्रोल रूम से काम कर रहा था। प्रश्न सॉल्व करने के बाद दीपक और एक अन्य आरोपी मंजीत सिंह ने वायरलेस डिवाइस के ज़रिए एग्जाम सेंटर में मौजूद कैंडिडेट को ऑन्सर भेजे। फाजिल्का के संत कबीर पॉलिटेक्निक कॉलेज के कर्मचारी गुरमीत सिंह की पहचान इस ऑपरेशन के मास्टरमाइंड के तौर पर हुई है। उसने एग्जाम क्लियर कराने के लिए छात्रों से 3.5 लाख रुपये से 13 लाख रुपये तक वसूले थे।