जुनिपर ग्रीन एनर्जी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुला, कितने का है शेयर और कितना है GMP

नई दिल्ली: Juniper Green Energy का 1,800 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया। इस पर 3 अगस्त, 2026 तक बोली लगाई जा सकती है। यह 8 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू है और इसमें ऑफर-फॉर-सेल (OFS) का कोई हिस्सा नहीं है। कंपनी ने प्राइस बैंड 214 रुपये से 225 रुपये प्रति शेयर तय किया है। निवेशक 66 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम निवेश 14,850 रुपये होगा।

शेयर अलॉटमेंट 4 अगस्त, 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है, जबकि कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 6 अगस्त, 2026 को एनएसई और बीएसई पर हो सकती है। इस इश्यू के लिए ICICI Securities Ltd. बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि Kfin Technologies Ltd. इश्यू का रजिस्ट्रार है। Juniper Green Energy IPO का लेटेस्ट GMP प्रति शेयर 17 रुपये है। यह 225 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर लगभग 7.56% का प्रीमियम है। ग्रे मार्केट के मौजूदा ट्रेंड के आधार पर यह शेयर 242 रुपये पर लिस्ट हो सकता है।

क्या करती है कंपनी?

2011 में शुरू हुई जुनिपर ग्रीन एनर्जी लिमिटेड भारत की प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स (IPPs) में से एक है। कंपनी सोलर, विंड, हाइब्रिड और फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (FDRE) सेगमेंट में बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को डेवलप, बिल्ड, ऑपरेट और मेंटेन करती है। इन प्रोजेक्ट्स को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का सपोर्ट मिलता है।

क्या आपको सब्सक्राइब करना चाहिए?

ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिक रिसर्च ने जुनिपर ग्रीन एनर्जी IPO को न्यूट्रल रेटिंग दी है।कंपनी का मुनाफा बहुत ज्यादा नहीं होने के बावजूद, IPO की कीमत FY26 की कमाई के 270 गुना से भी ज्यादा है। इस कारण लिस्टिंग गेन कम हो सकता है। निवेशकों को रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से जुड़ी चुनौतियों, रेगुलेटरी अनिश्चितताओं और कर्ज से जुड़े जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए।

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