मुंबई: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने राज्य की लाडली बहन योजना को लेकर स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने योजना के लांच होने के बाद शुरू की गई केवाईसी के बाद अधिकृत लाडली बहनों की संख्या का ऐलान किया है। राज्य सरकार के डाटा के अनुसार 66 लाख बहनें ‘लाडली’ नहीं हैं। मुख्यमंत्री लाडकी बहीण योजना की ई-केवाईसी प्रक्रिया के आंकड़े बदले गए हैं। महाराष्ट्र में जब लाडली बहन योजना लांच हुई थी। उस वक्त पर एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री और अजित पवार वित्त मंत्री थी। अब राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस हैं। उनके पास ही वित्त विभाग भी है। यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे के आधीन आती है
महाराष्ट्र में कितनी महिलाएं लाडली बहनें?
फडणवीस सरकार को राज्य में 1.66 करोड़ महिलाएं इस योजना के लिए पात्र हुई हैं। ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरा न करने की वजह से 66 लाख महिलाओं को लाभार्थियों की सूची से बाहर कर दिया गया है। महिला व बाल कल्याण विभाग ने पात्र महिलाओं के बैंक खाते में जून महीने की किस्त जमा करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है।
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना में कब क्या हुआ
- 28 जून 2024: राज्य सरकार की मंजूरी मिली।
- 17 अगस्त 2024: आधिकारिक तौर पर इसे लॉन्च किया गया था।
- इस योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये मिलते हैं।
- नवंबर 2025: धोखाधड़ी को रोकने और केवल पात्र महिलाओं तक लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी (e-KYC) शुरू की थी।
- 30 अप्रैल 2026: सर्वर की समस्याओं को देखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने e-KYC की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दी थी।