हॉलीवुड के ये टॉप स्टार्स, कोई दार्जिलिंग से हैं तो कोई लखनऊ से, किसी का दलाई लामा से रहा गहरा कनेक्शन

हॉलीवुड में कई ऐसे टॉप स्टार्स हैं जिन्होंने भले विदेशी फिल्मों में बड़ा नाम कमाया हो, लेकिन वे पले-बढ़े भारत में हैं। इनमें से कई स्टार्स के पूर्वजों का भारत से गहरा नाता रहा है। हॉलीवुड के इन टॉप कलाकारों में से किसी का संबंध भारत के श्रीनगर से रहा है तो किसी का कनेक्शन दार्जिलिंग और लखनऊ से रहा है। आइए, जानते हैं आज कुछ ऐसे ही कलाकारों के बारे में जो हॉलीवुड में बड़ा नाम हैं और अकैडमी अवॉर्ड तक पा चुके हैं, लेकिन उनका बचपन का जुड़ाव भारतीय रहा है।

वैसे तो हॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार हैं लेकिन आज हम बात करने जा रहे हैं कृष्णा पंडित भानजी के नाम से पैदा हुए बेन किंग्सले, कश्मीर में एक सेना अधिकारी के रूप में सेवा कर चुके लेफ्टिनेंट कर्नल लेस्ली वियर की पोती जुआना लुमली और दो बार अकैडमी अवॉर्ड विनर ‘गॉन विद द विंड’ की एक्ट्रेस विवियन मैरी ओलिवियर के बारे में जो दार्जिलिंग में जन्मी थीं।

बेन किंग्सले

अकैडमी अवॉर्ड, बाफ्टा, दो गोल्डन ग्लोब पुरस्कार और ग्रैमी अवॉर्ड विनर रह चुके बेन किंग्सले का असली नाम कृष्णा पंडित भानजी है। उन्हें 2010 में हॉलीवुड वॉक ऑफ फेम में एक स्टार से सम्मानित किया गया और 2014 में ब्रिटानिया पुरस्कार से सम्मानित किया गया उनके पिता गुजरात राज्य के जामनगर के रहने वाले थे। उनके पिता भारतीय गुजराती मूल के थे (जिनका जन्म केन्या में हुआ था, जिनके पिता भारत से जांजीबार चले गए थे), जबकि उनकी माता अन्ना लीना मैरी (नी गुडमैन) अंग्रेज थीं और एक विदेशी एक्ट्रेस और मॉडल थीं।

उनके पिता इस्माइली शिया इस्लाम का पालन करते थे

उनके जन्म से पहले उनकी तीन पीढ़ियां भारत में नहीं रही थीं। फिल्मों की बात करें तो किंग्सले मुख्य रूप से रिचर्ड एटिनबरो की फिल्म गांधी (1982) में महात्मा गांधी की भूमिका के लिए जाने जाते हैं , जिसके लिए उन्होंने बेस्ट एक्टर का अकैडमी अवॉर्ड और बेस्ट लीड एक्टर का बाफ्टा पुरस्कार जीता था। उनके पिता इस्माइली शिया इस्लाम का पालन करते थे , किंग्सले का पालन-पोषण उनके पिता के धर्म में नहीं हुआ था। उन्होंने मैनचेस्टर ग्रामर स्कूल से पढ़ाई की , जहां उनके क्लासमेट्स में से एक एक्टर रॉबर्ट पॉवेल थे ।

‘मैंने कृष्णा भानजी के रूप में एक ऑडिशन दिया’

किंग्सले के दादा, हरजी भानजी, एक सफल मसाला बिजनेसमैन थे , जो भारत से जांजीबार सल्तनत चले गए थे । साल 1960 के दशक में, किंग्सले ने अपना नाम बदलकर बेन किंग्सले रख लिया, क्योंकि उन्हें डर था कि विदेशी नाम उनके करियर में बाधा डालेगा। उन्होंने एक बार रेडियो टाइम्स को बताया था, ‘जैसे ही मैंने अपना नाम बदला, मुझे काम मिलने लगे। मैंने कृष्णा भानजी के रूप में एक ऑडिशन दिया और उन्होंने कहा- शानदार ऑडिशन, लेकिन हमें ठीक से नहीं पता कि आपको अगले सीजन में कैसे शामिल किया जाए। मैंने अपना नाम बदला और फिर उन्होंने पूछा कि आप कब से शुरू कर सकते हैं?’

जोआना लुमली का ब्रिटिश भारत के श्रीनगर से कनेक्शन

‘द वुल्फ ऑफ वॉल स्ट्रीट’ की एक्ट्रेस डेम जोआना लैमंड लुमली का जन्म 1 मई 1946 को ब्रिटिश भारत के श्रीनगर, जम्मू एंड कश्मीर में हुआ था। लुमली की मां थाइरा बीट्रिस रोज (नी वेइर), अंग्रेज थीं। उनके पिता, मेजर जेम्स रदरफोर्ड लुमली, लाहौर (अब पाकिस्तान का हिस्सा ) में पैदा हुए थे और उनके पूर्वज अंग्रेज और स्कॉटिश थे। वे वे मेजर-जनरल सर जेम्स रदरफोर्ड लुमली के वंशज थे । उनके पिता ने सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान बर्मा में ब्रिटिश भारतीय सेना की 6वीं क्वीन एलिजाबेथ्स ओन गोरखा राइफल्स में एक अधिकारी के रूप में सेवा की। जून 1944 में मोगांग की लड़ाई में तुल बहादुर पुन ने उनकी जान बचाई थी।

लुमली के दादा जी कश्मीर में एक सेना अधिकारी

मेजर-जनरल सर जेम्स रदरफोर्ड लुमली , स्कॉटलैंड की रानी जोन ब्यूफोर्ट के सीधे वंशज थे । लुमली के दादा जी लेफ्टिनेंट कर्नल लेस्ली वियर का जन्म गाजीपुर में हुआ था। उन्होंने कश्मीर में एक सेना अधिकारी के रूप में सेवा की थी, वे 13वें दलाई लामा के करीबी दोस्त थे। लुमली की पहली लीड रोल ‘द न्यू एवेंजर्स’ में पर्डी के रूप में थी , जो ‘द एवेंजर्स’ की अगली कड़ी थी और उन्होंने 1976 से 1977 तक सभी 26 एपिसोड में यह भूमिका निभाई।

विवियन मैरी ओलिवियर यानी विवियन ली

दो बार अकैडमी अवॉर्ड विनर ‘गॉन विद द विंड’ की एक्ट्रेस विवियन मैरी ओलिवियर का जन्म 15 नवंबर 1913 को ब्रिटिश भारत के दार्जिलिंग में हुआ था। 1947 के बाद लेडी ओलिवियर के नाम से फेमस हुईं, एक ब्रिटिश एक्ट्रेस थीं। साल 1999 में अमेरिकन फिल्म इंस्टीट्यूट (एएफआई) ने ली को क्लासिक हॉलीवुड सिनेमा की 16वीं सबसे महान महिला फिल्म स्टार का दर्जा दिया गया । ली को अपने समय की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेसेस में से एक माना जाता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब एक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया था कि क्या उन्हें लगता है कि उनकी सुंदरता की वजह से उन्हें बतौर एक्ट्रेस गंभीरता से नहीं लिया गया? तो उन्होंने कहा, ‘लोग सोचते हैं कि अगर आप दिखने में ठीक-ठाक हैं, तो आप एक्टिंग नहीं कर सकते, और चूंकि मुझे केवल एक्टिंग की परवाह है, मुझे लगता है कि सुंदरता एक बड़ी बाधा हो सकती है। अगर आप वाकई में उस किरदार की तरह दिखना चाहते हैं जिसे आप निभा रहे हैं, जो जरूरी नहीं कि आपके जैसा हो।’

विवियन ली को क्रिटिक्स ने फिल्म की सफलता की वजह बताया

‘गॉन विद द विंड’ के रिलीज होने तक दुनिया के अन्य हिस्सों में लोग उन्हें कम जानते थे। इस फिल्म के लिए क्रिटिक्स ने कहा, ‘कला और प्रकृति ने उन्हें इस भूमिका के लिए इतनी खूबसूरती से गढ़ा है कि इस भूमिका में किसी अन्य एक्ट्रेस की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने माना कि फिल्म की सफलता काफी हद तक ली की शानदार कास्टिंग के कारण थी।

Spread the love