अडानी के 125 अरब के प्लान ने कर दी निवेशकों की मौज, कई कंपनियों के शेयरों में तेजी

नई दिल्ली: भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस गौतम अडानी की अगुवाई वाला अडानी ग्रुप इन्फ्रास्ट्रक्चर पर रेकॉर्ड खर्च कर रहा है। ग्रुप चालू वित्त वर्ष में लगभग ₹2.1 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर का लक्ष्य बना रहा है और उसने पांच वर्षों में अपने बिजनेस में लगभग $125 बिलियन के निवेश की योजना बनाई है। इस ग्रुप का बिजनेस पोर्ट्स से लेकर पावर तक फैला है। यही वजह है कि ग्रुप के विस्तार से जुड़े कॉन्ट्रैक्टर्स, मैन्युफैक्चरर्स और पावर टेक्नोलॉजी सप्लायर्स के ऑर्डर बुक बढ़ रहे हैं और उनके शेयरों में जबरदस्त तेजी आ रही है।

मसलन हिताची एनर्जी इंडिया के शेयरों में पिछले दो साल में 197% की शानदार बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह सेमइंडिया प्रोजेक्ट्स और जीई वर्नोवा टीएंडडी इंडिया के शेयरों में इस दौरान क्रमशः 152% और 147% की तेजी हुई है। सरकारी कंपनी बीएचईएल का शेयर एक साल में 79% चढ़ा है जबकि और PSP प्रोजेक्ट्स के शेयरों में 39% तेजी आई है। अडानी ग्रुप के रेकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर से इन कंपनियों को भारी ऑर्डर मिलने की संभावना है।

रेकॉर्ड कैपेक्स

अडानी ग्रुप ने मार्च में खत्म फाइनेंशियल ईयर में कैपिटल एक्सपेंडिचर के तौर पर ₹1.53 लाख करोड़ खर्च किए। यह किसी भारतीय कॉर्पोरेट के कैपिटल एक्सपेंडीचर पर किया गया अब तक का सबसे बड़ा सालाना खर्च है। इसमें से लगभग 80% खर्च वेंडर्स के जरिए किया गया। इसमें रियल एस्टेट और दूसरे अनलिस्टेड बिजनेस का खर्च शामिल नहीं है।

अडानी का तरीका Apple के ‘एक्सटेंडेड एंटरप्राइज मॉडल’ जैसा है। इसमें कंपनी प्रोडक्ट डिजाइन, टेक्नोलॉजी और कस्टमर एक्सपीरियंस पर अपना कंट्रोल बनाए रखती है, जबकि स्पेशलिस्ट सप्लायर मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं मुहैया कराते हैं। बदले में सप्लायर्स को इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी और बड़े मौकों तक पहुंच मिलती है। अडानी कैपेक्स प्लान कंस्ट्रक्शन, हेवी इंजीनियरिंग और पावर टेक्नोलॉजी सेक्टर में रेवेन्यू पाइपलाइन को बदल रहा है।

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