टोरंटो: कनाडा ने 2026 के शुरुआती छह महीनों में 3,323 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया है। यह संख्या अमेरिका की तरफ से करीब सात महीनों में भारत वापस भेजे गए 1273 भारतीयों की संख्या से लगभग तीन गुना ज्यादा है। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज़ एजेंसी (CBSA) के डेटा के मुताबिक इस साल डिपोर्ट किए गए लोगों की संख्या 2025 में डिपोर्ट किए गए कुल 3779 भारतीय नागरिकों का लगभग 88% है। 2025 का आंकड़ा अपने आप में एक रिकॉर्ड था। अगर यही रफ्तार बनी रही तो कनाडा पिछले साल के आंकड़े को पार कर सकता है और एक नया सालाना रिकॉर्ड बना सकता है।
इसकी तुलना में भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक 1 जनवरी से 22 जुलाई 2026 के बीच अमेरिका से 1273 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया था। अमेरिका ने 2025 में कुल 3567 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया था जो 2011 के बाद सबसे ज्यादा आंकड़ा था। 2004 में अमेरिका से 1368 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया था।
कनाडा ने अमेरिका की तुलना में 3 गुना ज्यादा लोगों को किया डिपोर्ट
यह तुलना इसलिए भी अहम है क्योंकि न सिर्फ आंकड़ों में अंतर है बल्कि कनाडा ने 2026 का यह आंकड़ा सिर्फ छह महीनों में हासिल कर लिया जबकि अमेरिका का आंकड़ा लगभग सात महीनों का है। कनाडा में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब ओटावा अपने इमिग्रेशन सिस्टम को सख्त कर रहा है और अस्थायी निवासियों जिसमें इंटरनेशनल स्टूडेंट और अस्थायी विदेशी वर्कर शामिल हैं की संख्या कम करने की कोशिश कर रहा है। सरकार ने उन लोगों के खिलाफ़ कार्रवाई भी तेज कर दी है जिनके पास देश में रहने का कानूनी स्टेटस नहीं है।