कोलकाता : त्रिपुरा की ‘नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया’ (NCPI) में मतभेद सामने आए हैं। यह एक कम जानी-मानी राजनीतिक पार्टी है, जिसमें हाल ही में तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसद शामिल हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, दो बार हुई बगावत के कारण तृणमूल कांग्रेस के ज़्यादातर सांसद और विधायक पार्टी छोड़कर चले गए थे। इसके कुछ ही हफ्तों बाद, NCPI के तीन मुस्लिम लोकसभा सांसदों ने BJP के साथ पार्टी के गठबंधन पर चिंता जताई है। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति वफादार गुट ने उनके इस विरोध को अपने चुनाव क्षेत्रों की जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया है।
तृणमूल के बागी और NCPI सांसद अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान, BJP के साथ गठबंधन के करीबी रिश्तों के खिलाफ हैं। तीनों सांसद सत्ताधारी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं। यहां तक कि वह बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की बैठकों में भी नजर नहीं आ रहे हैं।
अबू ताहिर खान बोले- पहले ही कह दिया था बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे
सूत्रों ने बताया कि उन्हें चिंता है कि सत्ताधारी पार्टी के करीब रहने से उनका पारंपरिक वोट बैंक छिन सकता है। शनिवार को अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान लोगों को परेशान किया गया। अबू ताहिर खान ने कहा कि हमने पहले ही साफ कर दिया है कि हम BJP के साथ नहीं जाएंगे और NDA का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय पर खास ध्यान देने की जरूरत है, खासकर उन लोगों पर जो पिछड़ गए हैं। वह इस मामले में कदम उठाने पर सहमत हुए हैं।
‘NCPI नेता सबको गुमराह कर रहे हैं’
ममता बनर्जी के प्रति वफादार कुछ नेताओं में से एक, तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वे सबको गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने एक पत्र सौंपा था जिसमें कहा गया था कि वे NCPI के सहयोगी हैं- यह पत्र स्पीकर के पास भी है। इसके अलावा, उनकी पार्टी के नेताओं ने पहले ही घोषणा कर दी है कि NCPI, NDA का सहयोगी है। असलियत यह है कि NCPI में शामिल होने के बाद, वे अपने चुनाव क्षेत्रों में नहीं जा पा रहे हैं। मुर्शिदाबाद में अल्पसंख्यक 60 से 65 प्रतिशत मतदाता हैं, और उनके साथ धोखा हुआ है। अब, ये दोनों नेता स्थिति को कम करके दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
कुणाल घोष ने कसा तंज
ममता बनर्जी के एक और वफादार, विधायक कुणाल घोष ने अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ये लोग कन्फ्यूज्ड हैं। यह BJP की B-टीम है। अब, उनके इलाके में जो हो रहा है, उस पर जनता कह रही है कि आप यहां BJP-विरोधी वोटों से जीते थे। आप ममता बनर्जी के उम्मीदवार के तौर पर जीते थे… इसलिए, अपना समीकरण बनाए रखने और लोकसभा सीटें बचाने के लिए, ये लोग BJP नेताओं के घरों के चक्कर लगा रहे हैं।
काकोली घोष दस्तीदार की सफाई
NCPI गुट की अगुवाई करने वालीं सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने मतभेद की बात को कम करके आंका। उन्होंने कहा कि हमने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लंबी बातचीत की। हम वहां दो घंटे से ज़्यादा समय तक रहे और पश्चिम बंगाल के विकास के लिए उनसे कई सुझाव मिले। अबू ताहेर भी वहां मौजूद थे। मुझे नहीं पता कि उन्होंने अभी क्या कहा। BJP के साथ गठबंधन के बारे में अपनी राय के बावजूद, ये तीनों सांसद बीरभूम के सांसद शताब्दी रॉय और असित मल के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली गए थे। उन्होंने शुक्रवार सुबह PM मोदी के घर पर नाश्ते पर हुई बैठक में भी हिस्सा लिया।
सौगत रॉय ने किया बड़ा दावा
तीनों सांसदों का कहना है कि वे BJP की राजनीति से सहमत नहीं हैं, लेकिन अपने चुनाव क्षेत्रों के लोगों के भले के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ सहयोग करेंगे। पिछले हफ़्ते, जब NCPI सांसदों ने NDA सांसदों की बैठक ‘मंगल मिलन’ में हिस्सा लिया, तो उनकी संख्या सत्रह ही रही क्योंकि तीनों मुस्लिम विधायक उस बैठक में शामिल नहीं हुए थे। इस विवाद के बीच, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने दावा किया था कि कुछ बागी सांसद उनके संपर्क में हैं और ममता बनर्जी के गुट में वापस आना चाहते हैं।