रायपुर, प्रदेश की सभी 705 सरकारी शराब दुकानें पिछले चार साल से बिना बीमा के संचालित हो रही हैं। इसकी वजह से अगर कहीं आगजनी होती है तो उसकी भरपाई विभाग को ही करनी पड़ रही है। 6 महीने में चार बड़ी घटनाएं हुईं, जिसमें करीब 3 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। जब चारों दुकानों में आग के पैटर्न को जांचा तो एक जैसी कहानी सामने आई।
चारों दुकानों में सीसीटीवी कैमरे जलने की बात सामने आई। सभी दुकानों आग लगने की वजह शार्ट सर्किट ही बताई गई। नवंबर 2025 में दंतेवाड़ा के बचेली की दुकान में लगी आग की जब पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि आग जानबूझकर लगाई गई थी। 3 अगस्त 2026 को बिलासपुर के व्यापार बिहार की दुकान में लगी आग भी शार्ट सर्किट से ही बताई गई, लेकिन आबकारी विभाग ने उसकी एफआईआर ही नहीं करवाई।
जिसकी वजह से पीछे की कहानी सामने ही नहीं आई। इसके पहले बिलासपुर में फरवरी में सकरी दुकान में लगी आग में भी एफआईआर नहीं करवाई गई थी। पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब तक आबकारी विभाग एफआईआर नहीं करता, तब तक हम जांच शुरू नहीं कर सकते। मजबूरी में हमें आगजनी की शिकायत दर्ज करनी पड़ती है।
आबकारी के अफसरों का कहना है कि 2022 तक विभाग में बीमा कंपनी काम करती थीं। तत्कालीन एमडी अरुणपति त्रिपाठी ने इस व्यवस्था को बंद कर दिया था। 2022 के पहले जो भी आगजनी की घटना होती थी उसमें बीमा कंपनी फारेंसिक जांच करवाया करती थी।
जिसमें यह बात सामने आ जाती थी कि आग प्राकृतिक नहीं है। मानव जनित आग होने की वजह से कंपनियां क्लेम नहीं देती थी। इसमें दुकान के अंदर चल रहे खेल उजागर हो रहे थे। त्रिपाठी ने इसी बात को आधार बनाकर बीमा करवाना बंद कर दिया था कि कंपनी क्लेम नहीं देती है तो नुकसान हो रहा है।
बचेली-महासमुंद में पकड़ी जा चुकी है चोरी
बचेली दुकान में लगी आग के पीछे वजह आबकारी दरोगा अजय शर्मा को पुलिस ने पकड़ा था। जांच में पाया गया कि दुकान में 1.69 करोड़ के गबन को छुपाने के लिए आग लगाई गई थी।
दुकान कर्मचारी जो शराब की बोतल बिक जाती थी, उसके बार कोड को फोटाे खींच कर रख लेते थे। जब स्टॉक मिलाने अधिकारी आते थे तो उस फोटो को स्कैन करवाकर दुकान में उपलब्धता बता दी जाती थी। इसी तरह 2025 में महासमुंद के बेमचा में लगी आग में भी दुकान रकर्मी ही पकड़ा गया था।
आबकारी विभाग ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं करवाई है। पुलिस ने अपनी तरफ से आगजनी की कायमी दर्ज की है। हम इस मामले की जांच कर रहे हैं।
– रजनेश सिंह, एसएसपी, बिलासपुर
कहीं हिसाब बिगड़ने की वजह से तो नहीं लगी आग
25 दिन के अंदर दो शराब दुकानों में आग लगने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जब इनके जवाब के लिए बिलासपुर और रायपुर की शराब दुकान से जुड़े लोगों से बात की तो नई कहानी सामने आई। हाल ही में विभाग ने प्लेसमेंट कंपनी बदल दी हैं।
पुरानी कंपनियों ने जो घालमेल किया है उनके सबूत मिटाने के लिए आग लगाई जा रही हैं। इस दुकान में करीब 55 लाख रुपए का नुकसान बताया जा रहा है। बावजूद बिलासपुर जिला आबकारी अधिकारी नवनीत त्रिपाठी ने अभी तक पुलिस में एफआईआर भी दर्ज नहीं करवाई है।
स्टेशन रोड की शराब दुकान में लगी आग
रायपुर के स्टेशन रोड की शासकीय शराब दुकान में गुरुवार की देर रात डेढ़ बजे अचानक से आग लग गई। आबकारी विभाग का दावा है कि आग शार्ट सर्किट से लगी। आग लगते ही फायर ब्रिगेड को बुलाया गया लेकिन तब तक काफी सामान जल चुका था।
जिला आबकारी अधिकारी प्रवीण वर्मा का कहना है कि प्रारंभिक स्तर पर 10 लाख रुपए से अधिक के सामान क्षति का अनुमान है। दुकान में सवा कराड़ की शराब थी। शार्ट सर्किट सीसीटीवी कैमरे के पास हुआ, जिससे वह भी जल गया है।