धमतरी। जिले में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्रामीण विकास को गति देने और विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रभावी अभिसरण के लिए मंगलवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा की उपस्थिति में आयोजित बैठक में वनमंडलाधिकारी धमतरी कृष्णा जाधव तथा उप निदेशक, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, गरियाबंद वरूण जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की। बैठक में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, कृषि एवं उद्यानिकी विकास, वन संरक्षण, पर्यटन सुविधाओं तथा ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में ‘एक क्षेत्र–अनेक योजनाओं का समन्वित लाभ’ की अवधारणा पर विशेष जोर दिया गया। सीईओ जिला पंचायत श्री नाहटा ने कहा कि विभिन्न विभागों की योजनाओं को आपस में जोड़कर कार्य करने से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा सकेगा। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्यों के चयन में स्थानीय आवश्यकता, उपयोगिता, गुणवत्ता और दीर्घकालिक लाभ को प्राथमिकता दी जाए।
वन क्षेत्रों में सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं पर जोर
वन क्षेत्रों एवं उनसे लगे ग्रामीण इलाकों में बायोफेंसिंग और तार फेंसिंग जैसे अनुमेय कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य वन क्षेत्रों, वृक्षारोपण स्थलों तथा निर्मित परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व से जुड़े क्षेत्रों में ग्रामीणों के आवागमन और आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। दौड़-पंडरीपानी मार्ग सहित विभिन्न स्थानों पर पुलिया निर्माण के प्रस्तावों को अभिसरण के माध्यम से पूरा करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में सड़क, पुलिया और संपर्क सुविधाओं के विकास से ग्रामीणों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। इससे ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है।
पर्यटन विकास से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
बैठक में जिले के पर्यटन क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष चर्चा की गई। पर्यटन स्थलों पर सड़क, शौचालय, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता एवं सुरक्षित आवागमन जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। इको पार्क सहित अन्य पर्यटन क्षेत्रों के विकास एवं रखरखाव में ग्राम पंचायतों की भूमिका सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत मेचका, खल्लारी तथा धमतरी विकासखंड के हरफर, सटियारा, कोड़ेगांव (रै) सहित विभिन्न क्षेत्रों में वन एवं राजस्व क्षेत्र के अनुसार संबंधित एजेंसियों के माध्यम से जनसुविधाओं के विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने कहा कि पर्यटन अधोसंरचना का विकास केवल पर्यटकों की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं, स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी तैयार किए जा सकते हैं।