भोपाल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को तीन हिस्सों में बांटने और उसका नाम बदलने के फैसले को लेकर मध्य प्रदेश में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के योगदान को मिटाने की कोशिश बताया है।
कमलनाथ ने कहा- यह बीजेपी की ओछी मानसिकता
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि RGPV के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाना भाजपा सरकार की ‘ओछी मानसिकता’ का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के कार्यकाल में देश ने आधुनिक तकनीक की दुनिया में प्रवेश किया और सूचना क्रांति व कंप्यूटर युग की शुरुआत हुई।
कमलनाथ ने भाजपा पर कांग्रेस सरकार के समय किए गए कार्यों की सिर्फ नाम पट्टिकाएं बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से राजीव गांधी का नाम नहीं हटाया जाना चाहिए। कमलनाथ ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “नाम बदलकर इतिहास नहीं बदल सकते। अच्छे और बुरे हर काम का हिसाब होता है, हम भी हिसाब करेंगे।”
कंप्यूटर क्रांति के जनक का नाम हटाना दुर्भाग्यपूर्ण
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सरकार के फैसले की घोर निंदा की। उन्होंने कहा कि देश में सूचना प्रौद्योगिकी की क्रांति लाने और कंप्यूटर युग की शुरुआत करने में राजीव गांधी का महत्वपूर्ण योगदान था। सिंघार ने सवाल उठाया कि जिन नेताओं ने देश के लिए अपना समय दिया, योगदान दिया और शहादत दी, उनके नाम हटाना क्या उचित है?
सिंघार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों का आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं था, क्या भाजपा की मोहन यादव सरकार उनके नाम पर संस्थानों के नाम रखना चाहती है? उन्होंने इसे देश के महान नेताओं के खिलाफ साजिश बताया।
उन्होंने कहा कि “नाम दिलों से नहीं हटाया जा सकता।” सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से नाम हटाने की मानसिकता बदलने की मांग की और कहा कि राजीव गांधी ने देश में सूचना क्रांति की जो नींव रखी, उसी का परिणाम है कि आज भारत आईटी के क्षेत्र में पूरी दुनिया में जाना जाता है।
कैबिनेट ने किया है आरजीपीवी को तीन भागों में विभाजित करने का फैसला
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को तीन हिस्सों में बांटकर अलग-अलग विश्वविद्यालय बनाए जाएंगे। इनके नाम होंगे
- मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय
- महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय
- मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय
यानी कैबिनेट के फैसले के बाद ‘राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV)’ नाम से मौजूदा विश्वविद्यालय का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इसके स्थान पर तीन नए विश्वविद्यालय अलग-अलग नाम से संचालित होंगे।