एक ही बिल्डिंग- जहां पोस्टर लगा, वहीं पर दुकान खुली:भोपाल में 190 प्रतिष्ठानों को बंद कराने का दावा

भोपाल, ये तीनों ही तस्वीर भोपाल के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी की है। रहवासी इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी का मामला सबसे पहले यहीं से सामने आया था। रहवासी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे। फिर नगर निगम ने पहले नोटिस, बाद में सीलिंग की कार्रवाई शुरू की। दावा है कि 190 प्रतिष्ठानों को स्वैच्छा से बंद कर दिया गया।

नगर निगम ने दुकानों के बाहर एक छोटा सा बैनर चस्पाया है। इसमें लिखा है- ‘भोपाल नगर निगम के आदेश अनुसार- इस भवन में व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दी गई हैं’। कहीं-कहीं तो एक ही बिल्डिंग में जहां पोस्टर लगा हुआ था वहीं पर बाजू की दुकान खुली मिली।

सीलिंग-नोटिस के 3 मामले

1- बिल्डिंग की दो दुकानें बंद, तीसरी खुली- ई-3 अरेरा कॉलोनी की एक तीन मंजिला बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर की दुकानों की शटर पर व्यवसायिक गतिविधि बंद किए जाने का पोस्टर लगा था। इसके पास ही तीसरी इलेक्ट्रिक दुकान खुली हुई मिली।

2- शटर लगाकर कारोबार बंद की बात- दो मंजिला बिल्डिंग में टेलरिंग शॉप है। शटर पर व्यावसायिक गतिविधि बंद होने का बैनर लगा है, लेकिन केट खुला था।

3- पहले होटल थी, अब ‘निज निवास’ लिखा- पांच मंजिला एक होटल को निगम ने बंद कराया। कार्रवाई के बाद होटल पर ‘निज निवास’ का पोस्टर लगा दिया। अंदर क्या हो रहा है यह देखने निगम अमला नहीं आया।

10 नंबर मार्केट में किसी को नोटिस, किसी को नहीं 

नगर निगम एक महीने के अंदर 8 हजार से ज्यादा नोटिस जारी कर चुका है। पिछले 3 दिन से 24 घंटे के नोटिस दिए जा रहे हैं। इनमें स्पष्ट लिखा है कि रहवासी भवन में कमर्शियल एक्टिविटी बंद कर लें, वरना सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में कई प्रतिष्ठानों पर स्वैच्छा से बंद करने के पोस्टर-बैनर भी लगा दिए गए।

इस कार्रवाई में अब भेदभाव के आरोप भी लग रहे हैं। 10 नंबर मार्केट में दो प्रतिष्ठानों को नोटिस देने के बाद बंद करा दिया गया तो पास की कई बिल्डिंग खुली हुई है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने वाले विवेक त्रिपाठी ने बताया कि नगर निगम छोटे कारोबारियों पर ही कार्रवाई कर रहा है, जबकि बड़े कारोबारियों को नोटिस ही नहीं दिए गए हैं। ऐसे में कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी अपनी बात सबूतों के साथ रखेंगे।

अब जानिए, 2 दिन में क्या-क्या हुआ

  • नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों ने चार घंटे तक प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हाथापाई की नौबत तक बन गई थी। प्रदर्शन के चलते 5 हजार से ज्यादा व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी थी। वहीं, रोशनपुरा चौराहा जाम हो गया था।
    • कोलार व्यापारी महासंघ के आव्हान पर बुधवार को कोलार रोड का पूरा बाजार बंद रहा। यहां तक कि डी-मार्ट और शराब की दुकानें भी बंद रखी गई। कोलार तिराहे से गोल जोड़ तक सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। इमरजेंसी सेवाएं जैसे मेडिकल, पेट्रोल पंप को बंद से छूट दी गई थी। महासंघ के अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई गलत है। इससे व्यापारी सड़क पर आ गए हैं। इसलिए यह प्रदर्शन किया गया।
    • इसलिए हो रही यह कार्रवाई 

      साथ ही इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले सभी राहत आदेश (स्टे ऑर्डर) निरस्त कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

      इस दौरान नगर निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करना है। इसके चलते ही नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, पिछले चार दिन से व्यापारियों को नोटिस नहीं दिए गए हैं। अफसरों का कहना है कि नोटिस देने के बाद परीक्षण किया जा रहा है।

    • भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को बड़ा झटका देते हुए राज्य सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

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