इंफ्लूएंसर रील बनाकर बताएंगे भाजपा सरकार में बदलाव की तस्वीर

भोपाल, जंतर-मंतर के Gen Z प्रोटेस्ट के बाद भाजपा का फोकस अब उसी युवा पीढ़ी की मोबाइल स्क्रीन पर है। पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू हो रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में भाजपा इन्फ्लुएंसर्स और रील्स के जरिए Gen Z तक पहुंचने की तैयारी में है।

इन्फ्लुएंसर्स को उन जगहों पर ले जाया जाएगा, जहां सरकारों के काम से बदलाव आया है। वहीं, हर शक्ति केंद्र को कम से कम 10 रील बनाने का टारगेट दिया गया है। यानी भाजपा का नया कैंपेन ‘ग्राउंड पर बदलाव और मोबाइल पर उसकी कहानी’ के फॉर्मूले पर चलेगा।

रील्स में सरकारी योजनाओं से लाभ पाने वाले वास्तविक लोगों की कहानियां दिखाई जाएंगी। कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के लाभार्थियों से संपर्क कर उनकी कहानी रिकॉर्ड करेंगे। रील में लाभार्थी का नाम, स्थान, जिला, संबंधित योजना और उससे जीवन में आए बदलाव की जानकारी भी दर्ज होगी।

खास बात यह है कि कार्यकर्ता केवल वीडियो नहीं जुटाएंगे, बल्कि खुद भी रील बनाकर अभियान में भाग लेंगे। यूट्यूब, और इंस्टाग्राम के लिए 60 सेकंड तक की रील तैयार करने और समान हैशटैग, फ्रेम व अभियान पहचान इस्तेमाल करने की योजना है।

इन्फ्लुएंसर देखेंगे ‘बदला हुआ भारत’ 

अभियान में देश के इन्फ्लुएंसर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को ऐसे स्थानों तक ले जाने का प्रस्ताव है, जहां पिछले वर्षों में वास्तविक बदलाव दिखाई देता है। इसका मकसद यह है कि क्रिएटर खुद मौके पर पहुंचें, स्थानीय लोगों से मिलें और वहां हुए बदलाव को अपने अनुभव के आधार पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंचाएं।

इसके लिए राज्यों से ऐसे स्थानों की सूची मांगी जाएगी जहां लोगों के जीवन, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर या अवसरों में स्पष्ट बदलाव दिखाई देता हो। सामान्य सरकारी भवन या औपचारिक कार्यक्रम स्थल इसके लिए नहीं चुने जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर करीब 50 प्रमुख राष्ट्रीय स्थलों का चयन प्रस्तावित है।

‘कहानी बदलाव की’ भी बनेगी डिजिटल सीरीज 

डिजिटल कैंपेन का एक और बड़ा हिस्सा ‘कहानी बदलाव की’ है। इसके तहत सरकारी योजनाओं से सकारात्मक बदलाव का अनुभव करने वाले नागरिकों की वास्तविक कहानियां वीडियो के रूप में सामने लाई जाएंगी।

अभियान में करीब 25 लाख नागरिकों की कहानियां सामने लाने का प्रस्ताव है। इनमें से लगभग 25 हजार कहानियां शॉर्टलिस्ट और करीब 250 सबसे प्रभावशाली कहानियों को प्रोफेशनल तरीके से तैयार करने की योजना है। जिलों और राज्यों के सोशल मीडिया अकाउंट से चयनित रील्स पोस्ट की जाएंगी।

WhatsApp से Instagram तक पूरा डिजिटल कनेक्ट

‘आशीर्वाद का दीया’ से लेकर सेवा गतिविधियों तक, अभियान में डिजिटल शेयरिंग पर भी जोर रहेगा। नागरिकों, इन्फ्लुएंसर, मंत्रियों और मुख्यमंत्री के दीप के फोटो-वीडियो को #आशीर्वाद_का_दीया के साथ साझा करने की योजना है।

वहीं ‘सेवा मेरा योगदान’ में नागरिकों को 25 सेवा गतिविधियों में से कोई एक चुनकर कम से कम 25 मिनट सेवा देने, उसका पहले-बाद का वीडियो बनाने और My Bharat Portal पर रील अपलोड करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बाद डिजिटल सर्टिफिकेट भी जनरेट होगा।

ग्राउंड पर सेवा, मोबाइल पर कहानी 

भाजपा के इस अभियान में परंपरागत जनभागीदारी के साथ डिजिटल माध्यम को जोड़ने की कोशिश दिखाई देती है। दीया घर तक पहुंचेगा, सेवा काम के जरिए दिखाई देगी और रील उस काम की कहानी सोशल मीडिया तक ले जाएगी। खासकर Instagram, YouTube और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स को अभियान का हिस्सा बनाने की योजना इसी डिजिटल पहुंच को मजबूत करने के लिए रखी गई है।

17 सितंबर की शाम… हर घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’ 

हर बूथ पर बीजेपी के कार्यकर्ता और आम लोग अपने घरों पर दीप जलाकर अभियान से जुड़ेंगे। हर दीये को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 साल की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनाया गया है। 17 सितंबर की शाम बूथ कार्यकर्ता लाभार्थियों के घर पहुंचकर दीप जलाने के लिए प्रेरित करेंगे। इसकी फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर #आशीर्वाद_का_दीया के साथ साझा होगी।

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