CJP कार्यकर्ता के पिता से पिटाई मामले में स्वतंत्र गिरफ्तार:कल पुलिस ने कहा था- 72 घंटे में एक्शन लेंगे

नई दिल्ली, कॉकरोच जनता पार्टी कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय से मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को अरेस्ट कर लिया।

पुलिस ने उसे पटियाला हाउस कोर्ट में वर्चुअली पेश किया। कोर्ट ने एक दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। स्वतंत्र को एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से पकड़ा गया था।

स्वतंत्र की गिरफ्तारी के लिए कॉकरोच जनता पार्टी ने शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर 3 घंटे प्रदर्शन किया था। जिसके बाद पुलिस ने 72 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।

उधर स्वतंत्र के समर्थन में शनिवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। पुलिस ने नीशू और उसके पिता के खिलाफ उनसे लिखित शिकायत ले ली है।

स्वतंत्र भारद्वाज-नीशू आजाद केस- पिछले 2 दिनों का घटनाक्रम

4 सितंबर: नीशू आजाद और उनके पिता के समर्थन में CJP नेताओं और समर्थकों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। नीशू की ओर से वकील ऋषव रंजन ने पुलिस से हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और SC/ST Act की संबंधित धाराएं जोड़ने की मांग की। पुलिस ने ये धाराएं जोड़ीं। स्वतंत्र हिरासत में लिया गया।

5 सितंबर: स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में दिल्ली में हिंदू संगठन ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दक्ष चौधरी ने बुलाया था। दक्ष हाई प्रोफाइल लोगों से मारपीट करने और थप्पड़ लगाने के लिए जाना जाता है। उसने कन्हैया कुमार को भी थप्पड़ मारा था।

मारपीट मामले में पीड़ित, आरोपी और दिल्ली पुलिस का पक्ष….

1. पीड़ित पक्ष- संजय कुमार/नीशू आजाद

CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान घायल हुए थे। संजय की शिकायत पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में केस दर्ज हुआ। नीशू का आरोप है कि उनके पिता का सिर फोड़ा गया और डेढ़ महीने बाद भी पुलिस ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

2. आरोपी- स्वतंत्र भारद्वाज

स्वतंत्र भारद्वाज ने एक वायरल पॉडकास्ट में दावा किया कि उन्होंने संजय के सिर पर हमला किया था और उन्हें 60 टांके लगे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। बाद में भारद्वाज ने अपने बयान से पलटते हुए कहा कि यह हमला नहीं बल्कि सेल्फ-डिफेंस था। उनका दावा है कि 10-15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था और अगर वह बचाव में कार्रवाई नहीं करते तो उन्हें भीड़ मार सकती थी।

3. दिल्ली पुलिस का पक्ष

पुलिस के मुताबिक 23 जून को संजय कुमार के सिर पर कड़ा (ब्रेसलेट) लगने से चोट आई। संजय को RML अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। मेडिको लीगल केस में चोट साधारण बताई गई।

पुलिस ने खोपड़ी फटने/फ्रैक्चर के दावे को गलत बताया। पहले पुलिस ने स्वतंत्र को पूछताछ के लिए बुलाया था फिर छोड़ दिया था। अब CJP के दबाव के बाद दोबारा हिरासत में लिया और केस में नई धाराएं जोड़ीं।

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