‘मैं रणबीर को राम जी के रूप में स्वीकार नहीं कर सकता’, ‘रामायण’ बनाने वाले रामानंद सागर के भतीजे शिव ने जताई आपत्ति

राणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर आने के बाद से ही इस फिल्म के किरदारों को लेकर बहस तेज हो गई है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका में नजर आ रहे हैं और कई लोगों को उनकी सादगी और सौम्यता को काफी पसंद आ रही है। वहीं काफी लोग फिल्म में भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर को कास्ट किए जाने पर बड़ा सवाल कर रहे हैं। अब ऐसे ही लोगों की लिस्ट में भारतीय टेलीविजन का ऐतिहासिक और सबसे लोकप्रिय पौराणिक धारावाहिक ‘रामायण’ बनाने वाले रामानंद सागर के पोते शिव सागर भी शामिल हैं। उन्होंने रणबीर कपूर को भगवान राम के किरदार में दिखाए जाने पर आपत्ति जताई है।

बता दें कि इस फिल्म में साई पल्लवी माता सीता के किरदार में और यश रावण के दमदार रोल में दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा सनी देओल भगवान राम के भक्त हनुमान के और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आ रहे हैं। रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने फिल्म को लेकर अपनी राय दी है।

शिव सागर ने भगवान राम के किरदार की कास्टिंग को लेकर अपनी चिंता जाहिर की

हालांकि, शिव सागर कलाकार के तौर पर रणबीर कपूर को प्रतिभाशाली एक्टर मानते हैं। लेकिन उनका कहना ​​है कि फिल्म में यह भूमिका रणबीर को नहीं बल्कि किसी ऐसे कलाकार को दी जा सकती थी जिसकी पिछली फिल्मों से कोई मजबूत छवि न हो। उन्होंने इस किरदार की कास्टिंग को लेकर अपनी चिंता जाहिर की और और संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘एनिमल’ में एक्टर के नेगेटिव किरदार का हवाला दिया।

‘राम जी को देखकर मुझे लगता है कि किसी नए चेहरे को लेना चाहिए’

एएनआई के बातचीत शिव सागर ने कहा, ‘उस एक कास्टिंग को छोड़कर, मुझे बाकी की कास्टिंग बहुत पसंद आई। पर्सनली कहूं तो एनिमल के बाद रणबीर कपूर को राम के रूप में स्वीकार करना मेरे लिए मुश्किल है। राम जी को देखकर मुझे लगता है कि किसी नए चेहरे को लेना चाहिए था। आप एक मजबूत सपोर्टिंग एक्टर ले सकते हैं, जैसे यश बहुत अच्छे लग रहे हैं, साई पल्लवी बहुत अच्छी लग रही हैं, उनके साथ इतना ज्यादा बैगेज नहीं है। राम के साथ बहुत सारा बैगेज है।’

‘जिनका कोई पिछला रिकॉर्ड या अतीत न हो’

उन्होंने कहा, ‘इसीलिए हम आमतौर पर अपने धारावाहिकों में हम एक नया चेहरा लेते हैं, ताकि उनका कोई पिछला रिकॉर्ड या अतीत न हो।’ शिव सागर का कहना है कि रणबीर कपूर एक अच्छे एक्टर हैं।’ शिव सागर ने इस बातचीत में ये भी साफ-साफ कहा है कि उनके इस कमेंट को रणबीर कपूर के एक्टिंग स्किल की आलोचना के रूप में बिल्कुल नहीं देखा जाना चाहिए।

रणबीर की एक्टिंग स्किल्स की तारीफ की

उन्होंने रणबीर की एक्टिंग स्किल्स की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें अलग-अलग तरह के किरदारों को निभाने की क्षमता है। वहीं शिव सागर का ये भी मानना ​​है कि रणबीर कपूर की लोकप्रियता फिल्म की तरफ अधिक ध्यान आकर्षित करने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘हमने रणबीर को अलग-अलग भूमिकाओं में देखा है। वह एक बहुत अच्छे एक्टर हैं और पर्सनली मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है।’

‘रणबीर को नहीं लेते तो फिल्म की मार्केटिंग इतनी अच्छी नहीं होती’

उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि उन्होंने रणबीर कपूर को इस प्रोजेक्ट के लिए इसलिए लिया होगा क्योंकि वे फिल्म की मार्केटिंग करना चाहते हैं और शायद अगर वे रणबीर को नहीं लेते तो फिल्म की मार्केटिंग इतनी अच्छी नहीं होती। इसलिए यह भी सोचने वाली बात है, लेकिन मेरा मानना ​​है कि ऐसे किरदारों के लिए किसी नए चेहरे को लेना बेहतर है।’

‘जब बात राम जी और रामायण की आती है, तो लोग थोड़े अधिक संवेदनशील’

उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा, ‘एनिमल अभी भी चिंता का विषय है।’ उन्होंने रामायण के किरदारों के साथ कई भारतीयों के मजबूत भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव को लेकर बातें कीं। उन्होंने कहा, ‘रामायण के बाद क्या उन्हें एनिमल जैसी फिल्म में फिर से स्वीकार किया जाएगा? खासकर जब बात राम जी और रामायण की आती है, तो लोग थोड़े अधिक संवेदनशील और भावुक हो जाते हैं। यह कोई पौराणिक कथा नहीं है, यह हमारा इतिहास है। लोग हर दिन उनकी पूजा करते हैं। वह (राम) हमारा इतिहास हैं।’

दर्शकों की प्रतिक्रिया ही यह साबित करेगी कि कास्टिंग कितनी सही

शिव सागर का कहना है कि हालांकि अंतिम निर्णय दर्शकों का होगा। अपनी कुछ आपत्तियों के बावजूद, शिव सागर ने स्वीकार किया कि अंततः दर्शकों की प्रतिक्रिया ही यह साबित करेगी कि कास्टिंग और क्रिएटिव चॉइस सफल होते हैं या नहीं।

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