नास्तिक सोच को चुनौती देने वाली धार्मिक आस्था की कहानी पर बनी फिल्म ‘देऊळ बंद 2’ तो आपको याद होगी ही। इसी साल मई महीने में रिलीज इस फिल्म ने सिनेमाघरों में धूम मचा दी थी। महज ₹10 करोड़ के बजट में मूल रूप से मराठी में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में ₹100.50 करोड़ का ग्रॉस बिजनस किया। लागत से 905% अधिक कमाने वाली इस फिल्म की खूब तारीफ भी हुई। यही नहीं, इससे शाहरुख खान का भी कनेक्शन सामने आया। अब खुशखबरी यह है कि ये फिल्म OTT पर रिलीज हो गई है। ऐसे में यदि आप इसे थिएटर में देखने से चूक गए हैं, तो अब घर बैठे इसका आनंद ले सकते हैं। IMDb पर 7.6 रेटिंग पाने वाली यह फिल्म किसानों के आत्महत्या के संवेदनशील मुद्दे को उठाती है। आस्था और नास्तिकता के बीच के टकराव को दिखाती है।
‘देऊळ बंद 2’ का हिंदी में अनुवाद है ‘मंदिर बंद 2’, यह एक भक्ति ड्रामा फिल्म है, जिसे प्रवीण तरडे ने लिखा और निर्देशित किया है। यह साल 2015 में रिलीज ‘देऊळ बंद’ का सीक्वल है। बॉक्स ऑफिस पर यह सीक्वल फिल्म सरप्राइज हिट साबित हुई। ‘राजा शिवाजी’ के बाद 2026 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मराठी फिल्म बनी।
‘देऊळ बंद 2’ OTT रिलीज: कहां देखें
सोशल मीडिया पर फिल्म की OTT रिलीज की घोषणा करते हुए प्रवीण तरडे ने बताया कि फिल्म Amazon Prime Video पर स्ट्रीम हो रही है। उन्होंने आग्रह किया कि जिन्होंने अभी तक सिनेमाघरों में फिल्म नहीं देखी है, वह इसे जरूर देखें। साथ ही उन लोगों से भी इसे दोबारा देखने को कहा, जो पहले इसे देख चुके हैं।
‘देऊळ बंद 2’ की कहानी
फिल्म की कहानी के केंद्र में संगीता पायगुडे का किरदार है। वह एक किसान महिला है, जो दुख और मुश्किल हालात से जूझ रही है। कहानी नदी के किनारे बने श्मशान घाट के पास शुरू होती है, जहां बुरी तरह टूटी हुई संगीता भावुक होकर भगवान को पुकारती है और अपनी मुश्किल जिंदगी में दैवीय मदद की गुहार लगाती है। हताशा, गुस्से और निराशा के एक पल में वह चींटियों के टीले पर बने एक छोटे से मंदिर पर पत्थर फेंकती है, जिसके बाद उसे श्री स्वामी समर्थ के दर्शन होते हैं।
संगीता की नास्तिक सोच को झटका
असल में संगीता (स्नेहल तरडे) एक नास्तिक महिला है। दुख और निराशा के आगे वह हार मान चुकी है। उसका पति तुकाराम एक किसान है, जो एक झगड़े के बाद गांव का मंदिर बंद करके चला जाता है। भावनात्मक रूप से टूटकर ही संगीता ने उस मंदिर पर पत्थर फेंका था। लेकिन यहां उसकी नास्तिक सोच को झटका लगा है। उसे एक अद्भुत अनुभव होता है। उसे स्वामी समर्थ (मोहन जोशी) दिखाई देने लगते हैं, जो अन्य अनदेखे रूपों के साथ उसके साथ रहते हैं।
संगीता का ईश्वरीय आस्था से सामना
जब गांव की पुरानी शिकायतें और साडू सेठ जैसे लालची दलालों की असलियत सामने आती है, तो संगीता को एहसास होता है कि ईश्वरीय आस्था से आंतरिक शक्ति तो मिलती है, लेकिन असल और स्थायी बदलाव के लिए इंसानी कोशिश करनी पड़ती है। इसके लिए एकता और जवाबदेही की जरूरत होती है। आखिरकार, जब गांव वाले मुश्किलों से जूझ रहे परिवारों की मदद के लिए एकजुट होते हैं, तो गांव का मंदिर फिर से खुल जाता है।
‘देऊळ बंद 2’ का ट्रेलर
‘देऊळ बंद 2’ और शाहरुख खान का कनेक्शन
जब ‘देऊळ बंद 2’ बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही थी, तब इसका शाहरुख खान से भी कनेक्शन सामने आया है। बताया गया कि थिएटर में 21 मई को रिलीज होने से पहले मेकर्स ने फिल्म के डिजिटल सिनेमा पैकेज (DCP) के लिए रेड चिलीज एंटरटेनमेंट से संपर्क किया था। बाद में प्रवीण तरडे ने खुलासा किया कि टीम ने शुरू में इस प्रोसेस के लिए लगभग ₹12 लाख अलग रखे थे, लेकिन असल खर्च ₹42 लाख का आया। इतना खर्च उठाना मेकर्स के लिए मुश्किल हो रहा था। तब शाहरुख खान ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया और अपनी कंपनी के लिए यह फीस लेने से इनकार कर दिया।
‘देऊळ बंद 2’ की कास्ट
‘वटवृक्ष एंटरटेनमेंट’ के बैनर तले बनी इस फिल्म में मोहन जोशी और स्नेहल तरडे मुख्य भूमिकाओं में हैं। उनके साथ मंगेश देसाई, संस्कृति बालगुडे, देवेंद्र गायकवाड़, सविता मालपेकर और खुद डायरेक्टर प्रवीण तरडे भी सपोर्टिंग रोल में हैं। महेश मांजरेकर, प्रसाद ओक और ओम भूतकर ने इसमें कैमियो किया है।